जमशेदपुर :गोलमुरी के चर्च में आयोजित क्रिसमस के उपलक्ष में एक टुगेदर रखा गया था जिसमे पांचो धर्म के श्रेष्ठ अनुयायियों को आमंत्रित किया गया था अपने धर्म के बारे में पूरी दुनिया को अवगत कराने के लिए। जिसमें हमारे सनातन धर्म की तरफ से मनमोहन चौबे को सपरिवार आमंत्रित किया गया। यह आमंत्रण चर्च के फादर एडवर्ड द्वारा दिया गया था। इस कार्यक्रम के माध्यम से विश्व में शांति और प्रेम का माहौल बनाने की कोशिश की गई।
सभी धर्म के लोगों को सम्मान रूप से सम्मानित किया गया या एक बहुत बड़ा आयोजन था जिसमें बड़ी भारी संख्या में लोग चर्च के हाल में उपस्थित हुए थे। पंडित मनमोहन चौबे ने अपने सनातन धर्म के महत्व को बताया। उन्होंने बताया कि धर्म तो बस एक ही है प्रेम हमारा सनातन धर्म सबसे श्रेष्ठ है और वह हमें हमेशा सभी के साथ भाईचारे रूप से रहने की सलाह देता है। अभी विश्व में जैसा माहौल चल रहा है इस माहौल में लोग एक दूसरे के खिलाफ होते जा रहे हैं युद्ध की स्थिति निकट आते जा रही है ऐसी स्थिति में अगर भाईचारे का संदेश दिया गया तो यह एक वास्तव में बहुत बड़ा कार्यक्रम था जिससे लोगों में अपनापन प्रेम विश्वास और आस्था की भावनाएं बढ़ेगी।

फादर एडवर्ड ने कहा की कोई किसी भी धर्म को मानने वाला व्यक्ति हो परंतु उसका एक धर्म तो जरूर रहता है वह है प्रेम मानवता शिष्टाचार। और सबसे बड़ी धर्म है माता-पिता की सेवा। हर धर्म हमें यही सिखाता है कि हमें अपने माता-पिता की सेवा करना चाहिए हमारी माता-पिता परमात्मा से भी ऊपर है। इस्लाम धर्म से आए मोहम्मद वारिस ने भी कहां की प्रेम से बढ़कर कोई धर्म नहीं है और वह भी सनातन धर्म की इज्जत करते हैं। हमारी ब्रह्माकुमारी की रजवंती बहन और साथ ही सिख कम्युनिटी के सरदार कुलविंदर सिंह ने भी राम और कृष्ण की मर्यादित जीवन और उनके प्रेम की परिभाषा दी और बताया की धर्म एक ही है और पंथ अलग-अलग है।




