सरायकेला: सरायकेला-खरसावां : जिले के पुलिस अधीक्षक मुकेश कुमार लुनायत को मिले गुप्त सूचना पर, कार्रवाई करते हुए भारी मात्रा में विस्फोटक बरामद किए गए हैं. वर्ष 2023 में गृह मंत्रालय की अनुशंसा पर नक्सल मुक्त सरायकेला खरसावां जिला को घोषित किया गया था। लेकिन 2025 में एक बार फिर भारी मात्रा में विस्फोटक बरामद किया गया है। बताया जा रहा है कि लगभग तीन चार वर्ष पूर्व का है ,जिसे उस समय सक्रिय नक्सलियों द्वारा छुपा कर डम्प कर रखा गया था। जिसे गुप्त सूचना के आधार पर बरामद कर विनष्ट किया गया है।

जिले के खरसावां थाना क्षेत्र अंतर्गत रायजामा गांव स्थित गोबरगोटा पहाड़ी क्षेत्र में विस्फोटक सामग्री छुपाए जाने की सूचना मिलने के बाद सुरक्षा बलों ने बड़ा सर्च ऑपरेशन चलाया। पुलिस अधीक्षक मुकेश कुमार लुनायत को 28 जून 2025 को गुप्त सूचना मिली थी कि प्रतिबंधित भाकपा (माओवादी) संगठन के उग्रवादियों द्वारा सुरक्षा बलों के अभियान को रोकने और उन्हें निशाना बनाने के इरादे से गोबरगोटा पहाड़ी क्षेत्र में विस्फोटक सामग्री छुपा रखी है। सूचना मिलते ही पुलिस अधीक्षक मुकेश कुमार लुनायत ने थाना प्रभारी खरसावां के नेतृत्व में खरसावां थाना की सैट -01 और केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) की 60वीं बटालियन के साथ संयुक्त अभियान दल का गठन किया गया। टीम ने उसी दिन गोबरगोटा पहाड़ी व आसपास के जंगली इलाके में सघन सर्च ऑपरेशन शुरू किया। सर्च अभियान के दौरान एक गुफा से भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री बरामद की गई। इसमें 5 किलोग्राम व्हाइट पाउडर (एक्सप्लोसिव), 29 पीस केन बम, 9 बंडल कमर्शियल कोरडैक्स वायर (प्रत्येक लगभग 100 मीटर), 500 पीस इलेक्ट्रिक डेटोनेटर, 1 किग्रा नेप्थोलीन गोली, इलेक्ट्रिक वायर (1mm ) और (0.5mm ) के दो-दो बंडल (प्रत्येक लगभग 100 मीटर), 66 पीस सिरिंज शामिल है। बरामद सभी विस्फोटक सामग्रियों को बम निरोधक दस्ते की सहायता से मौके पर ही निष्क्रिय कर दिया गया।सुरक्षा के दृष्टिकोण से क्षेत्र में अभियान के दौरान सावधानीपूर्वक कार्रवाई की गई। इस संबंध में खरसावां थाना में 29 जून 2025 को मामला दर्ज किया गया है। प्राथमिकी में भारतीय न्याय संहिता की धाराएँ 191 (2), 191 (3), 190, 132, 61 (2) बीएनएस, विस्फोटक अधिनियम 1908 की धारा 4/5, यूएपीए अधिनियम 1967 की धारा 10/13 एवं सीएल एक्ट की धारा 17 के तहत केस दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी गई है। संयुक्त अभियान दल में थाना प्रभारी खरसावां, खरसावां थाना सैट-01 तथा सीआरपीएफ की 60वीं बटालियन के जवान शामिल थे। यह कार्रवाई एक बार फिर इस ओर इशारा करती है कि भले ही जिले को नक्सल मुक्त घोषित कर दिया गया हो लेकिन खतरा पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है। पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए जिले के पुलिस अधीक्षक मुकेश कुमार लुनायत ने सर्च अभियान लगातार जारी रखने की बातें कही है




