रांची : झारखंड में अगले एक वर्ष में 18 आईएएस अधिकारी सेवानिवृत्त हो जाएंगे, जिनमें से अधिकांश राज्य प्रशासनिक सेवा से प्रोन्नति प्राप्त अधिकारी हैं। केवल मुख्य सचिव अलका तिवारी डायरेक्ट आईएएस अधिकारी के रूप में सेवानिवृत्त होंगी। इनमें से दो अधिकारी 31 दिसंबर 2024 को सेवानिवृत्त होंगे, जबकि अन्य अधिकारी अगले वर्ष विभिन्न महीनों में सेवामुक्त होंगे। राज्य में आईएएस अधिकारियों की भारी कमी है। झारखंड कैडर में कुल 215 स्वीकृत पद हैं, जिनके विरुद्ध वर्तमान में केवल 170 अधिकारी कार्यरत हैं। 18 अधिकारियों के सेवानिवृत्त होने के बाद यह संख्या घटकर 169 रह जाएगी, जो प्रशासनिक कार्यों में चुनौतियां पैदा कर सकती है। इस कमी को पूरा करने के लिए वर्ष 2025 में राज्य प्रशासनिक सेवा और गैर प्रशासनिक सेवा के कुल 15 अधिकारियों को आईएएस में प्रोन्नति दी जाएगी। इनमें राज्य प्रशासनिक सेवा के नौ और गैर प्रशासनिक सेवा के छह अधिकारी शामिल हैं। प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों के नाम पहले ही घोषित किए जा चुके हैं, जबकि गैर प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों का साक्षात्कार 27 दिसंबर 2024 को आयोजित किया गया है।

प्रोन्नति प्रक्रिया के बावजूद, झारखंड में आईएएस अधिकारियों की संख्या स्वीकृत पदों की तुलना में कम रहेगी। यह स्थिति राज्य प्रशासनिक कार्यों को प्रभावित कर सकती है, और लंबे समय में बेहतर प्रशासनिक योजना और नई भर्तियों की आवश्यकता होगी।




