सरायकेला: सरायकेला खरसावां जिले के ईचागढ़ विधानसभा क्षेत्र से तीन बार विधायक रहे अरविंद सिंह उर्फ मलखान सिंह ने गुरुवार को निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में अपना नामांकन चांडिल एसडीओ कार्यालय में दाखिल किया। नामांकन से पहले चौका में एक रैली और टुंईटुंगरी में जनसभा का आयोजन किया।जिसमें बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। जनसभा में लोगों ने विधायक अरविंद सिंह के समर्थन में जोरदार नारेबाजी की। अपने संबोधन में अरविंद सिंह ने भाजपा पर टिकट वितरण में धांधली का आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा ने विशाल कार्यकर्ताओं की फौज को नजरअंदाज कर आजसू पार्टी को टिकट दे दिया, जो भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ धोखा है।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा की टिकट बिक चुकी है और वे पार्टी की गलत नीतियों के विरोध में जनता की आवाज बनकर निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ रहे हैं।अरविंद सिंह ने कहा कि वे पिछले 35 वर्षों से ईचागढ़ विधानसभा की जनता की सेवा के लिए समर्पित हैं। उन्होंने 1994 के डायरिया महामारी के समय को याद करते हुए कहा कि उस कठिन समय में वे डॉक्टरों की टीम लेकर प्रभावित क्षेत्र में पहुंचे और लोगों का इलाज करवाया।

उनके द्वारा क्षेत्र में कई पुल-पुलिया और सड़कें बनवाई गईं, जिनमें टीकर का पुल विशेष रूप से उल्लेखनीय है। इस पुल के बनने से टीकर गांव की बेटियों की शादियाँ होने लगीं, जो पहले असंभव थी।उन्होंने जोर दिया कि वे राजनीति से ज्यादा सेवा पर विश्वास करते हैं। अरविंद सिंह ने कहा कि कुछ पार्टियां बाहरी और भीतरी के मुद्दे पर राजनीति कर रही हैं, लेकिन जनता को यह देखना चाहिए कि उनके दुख-सुख में कौन साथ खड़ा होता है।जनसभा में गोपाल सिंह और शंकर गोराई ने अरविंद सिंह की प्रशंसा करते हुए उन्हें गरीबों का भगवान बताया।

गोपाल सिंह ने कहा कि 1994 की डायरिया महामारी के समय अरविंद सिंह ने गांव में आकर डॉक्टरों की टीम के साथ लोगों का इलाज करवाया था। उन्होंने कहा कि अरविंद सिंह ने हमेशा लोगों के सुख-दुख में साथ दिया है और उनकी सेवा की है।सभा में कई स्थानीय नेता और समर्थक भी मौजूद थे, जिनमें मुखिया भीम सिंह मुंडा, शंभू गुप्ता, सपन मंडल, गोपाल सिंह, नकूल घोष, मो. शेराज, रंजीत पांडेय, समरेंद्र तिवारी, और अन्य प्रमुख लोग शामिल थे।




