दिल्ली ( प्रतीक सिंह ) : राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने चार व्यक्तियों के विरुद्ध आरोपपत्र दायर किया है, जो कथित रूप से उग्रवादी गुटों और आपराधिक संगठनों को हथियारों की आपूर्ति में शामिल थे। शुक्रवार को जारी एक आधिकारिक सूचना के अनुसार, यह चारों अभियुक्त—विकास कुमार, सत्यम कुमार, देवमणि राय और अहमद अंसारी—स्थानीय पुलिस द्वारा पहले ही शस्त्र कानून के तहत पकड़ लिए गए थे। एनआईए ने मई 2023 में इस मामले की तहकीकात शुरू की थी।

जांच में सामने आया कि इन लोगों ने बंदूकों की गैरकानूनी खरीद और तस्करी की योजना बनाई थी, जिसका उद्देश्य देश की सुरक्षा और अखंडता को खतरे में डालना था। उन्होंने इस कार्य के लिए धन का इंतजाम भी किया। एनआईए ने आरोपियों पर भारतीय दंड संहिता की धारा 120बी और यूएपीए की धारा 13 तथा 18 के अंतर्गत अभियोग लगाए हैं। यह कार्रवाई बिहार के मुजफ्फरपुर में एके-47 राइफल बरामदगी के सिलसिले में की गई है। मूल जांच में पाया गया कि विकास और सत्यम के पास से एके-47 का हिस्सा और लेंस बरामद हुआ था, और पूछताछ में उन्होंने देवमणि राय को एक राइफल व कारतूस देने की बात कबूल की थी।




