सरायकेला: सरायकेला खरसावां जिले के आदित्यपुर गम्हरिया क्षेत्रो में इन दिनों अवैध गैस कटिंग और कालाबाजारी बड़ी दुर्घटनाओं की दावत दे रहा है। अवैध गैसों की कटाई और कालाबाजारी की धंधा जोरों से चल रही है। गम्हरिया के बोलाईडीह रोड नंबर 10 और भोलेटीया कंपनी के गेट के सामने बड़े पैमाने पर गैसों के कारोबार और दुर्गंध से लोग परेशान है। गम्हरिया बाजार , आदित्यपुर बाजार सहित क्षेत्र के कई जगहों पर अवैध गैस भराई कटाई का कार्य धडल्ले से हो रहे हैं। आम नागरिक गैस के गंघ से और अनहोनी की बड़ी घटना ना हो जाए इसको लेकर परेशान हैं ।
वहीं बोलाईडीह रोड नंबर 10 के रिहायशी इलाके में अजय नामक व्यक्ति द्वारा किए जा रहे , गैस के कारोबार को लेकर ग्रामीण परेशान है,और अनहोनी की बड़ी घटनाओ को लेकर सशंकित और डरे हुए हैं । ग्रामीणों के अनुसार यहां कभी भी बड़ी घटना घट सकती है।गैस कटिंग के धंधा बेखौफ, बेरोक-टोक के किया जा रहे हैं। विभागीय पदाधिकारी अनजान है या यूं ही जानकर अनजान बने हुए हैं । स्थानीय प्रशासन पर भी बड़े गैस सिलेंडरों से कटिंग और कालाबाजारी के कारोबार बेखौफ होकर होने को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं। वहीं पूरे मामले पर अनुमंडल पदाधिकारी सरायकेला द्वारा कहा गया कि इसे गंभीरता से लेते हुए कार्रवाई की जाएगी। वही प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी गम्हरिया अरविंद वेदिया द्वारा भी कार्रवाई करने की बातें कही गई। परंतु अभी तक कार्रवाई के नाम पर शून्य ही है।
इस पूरे मामले में गैस एजेंसी के एक स्टाफ से जब मालिक से बात कराने या नंबर देने की बात कही गई तो गैस एजेंसी के कर्मी द्वारा फोन नंबर देने की बात कह कर फोन काट दिया गया और दोबारा फोन करने पर फोन ही नहीं उठाया गया। इस पूरे मामले पर जब वरीय प्रशासनिक अधिकारी से बात की गई तो कहा गया की इसकी जांच कर कार्रवाई की जाएगी। लेकिन पदाधिकारी द्वारा जांच की बात कहकर चुपी साध्य लिया गया है और खामोश हैं। सूत्रों के अनुसार प्रत्येक गैस सिलेंडर से करीब 2 -अढ़ाई किलो गैस निकालकर उसे छोटे सिलेंडरों में भरकर अधिक दामों पर बेचा जा रहा है। जिससे उपभोक्ताओं की जेब कट्टती है । जिससे विस्फोट होकर बड़ी घटना कभी भी घट सकती है। सूत्रों के अनुसार बताया जा रहा है कि इतनी बड़े पैमाने पर गैस एजेंसियों और प्रशासन के बिना जानकारी के मिलीभगत के यह धंधा बेधड़क नहीं चल सकता। यह गैस महंगे दामों पर छोटे सिलेंडरों में भरकर बेचे जा रहे है। देखना अब यह है कि प्रशासन कार्रवाई की बात कह कर कार्रवाई करता है या यूं हीं चुपी साधे खामोश रहता है।




