Saraikela (संजीव मेहता) : फरवरी के अंतिम सप्ताह से सीतारामपुर के न्यू ट्रीटमेंट प्लांट से जलापूर्ति संभव है. यह आशंका प्लांट में टैस्टिंग का कार्य जारी रहने की समीक्षा के बाद (जकमो) जन कल्याण मोर्चा के प्रतिनिधि मंडल ने जताया है. जकमो का प्रतिनिधि मंडल ने शनिवार को प्लांट का जायजा लिया है. जायजा लेने के बाद प्लांट की प्रगति पर संतोष भी जताया है.
बता दें कि जकमो ने इस योजना की लेटलतीफी पर नाराजगी जताते हुए हाई कोर्ट में जनहित याचिका दायर किया है जिसकी सुनवाई भी 15 जनवरी को होनी है. बता दें कि कार्य में प्रगति अगस्त 2025 में जिले के डीसी नीतीश कुमार सिंह द्वारा निरीक्षण करने के उपरांत आई है. चूंकि 2022 में पूरी हो जानेवाली योजना 2025 तक भी अधूरी पड़ी हुई थी. यह आदित्यपुर वृहत जलापूर्ति योजना 2018 में शिलान्यास हुआ था और इसे 30 माह में पूरा होने का लक्ष्य निर्धारित था. लेकिन वह विभाग समेत कई विभागों के एनओसी की वजह से इसमें काफी देर हुई.

यह योजना करीब 395 करोड़ रुपए की है, इसके तहत विभिन्न वार्डों में 11 जलमीनार, सपड़ा में 60 एमजीडी और सीतारामपुर में 30 एमजीडी क्षमता का वाटर ट्रीटमेंट प्लांट बनना है. इससे आदित्यपुर नगर निगम के सभी 35 वार्डों के तकरीबन 55 लाख परिवारों के घरों तक 24 गुना 7 जलआपूर्ति करने की व्यवस्था सुनिश्चित करनी है. बता दें कि आदित्यपुर में गर्मी के आहट सुनाई देते ही जल संकट गहरा जाता है और लोगों के घरों में कराए गए बोरिंग सूख जाते हैं. आज प्लांट की समीक्षा के क्रम में मोर्चा अध्यक्ष अधिवक्ता ओम प्रकाश ने बताया कि सीतारामपुर प्लांट के बाद उनका फोकस सपड़ा पर है जिसका भी कार्य प्रगति पर है और मार्च 2026 में उस प्लांट में भी टेस्टिंग होना है.
लेकिन उन्होंने बताया कि दुख इस बात की है कि अब तक भी पाइप लाइन के लिए खोदे गए गड्ढे का बहुत सारे जगहों पर रिस्टोरेशन नहीं हुआ है. आज प्लांट के समीक्षा करने में मोर्चा की पदाधिकारी महिला नेत्री शारदा देवी, लीली दास, मदन सिंह, लक्ष्मण पासवान, पीयूष कुमार आदि शामिल थे.




