नई दिल्ली : केंद्रीय मंत्रिमंडल ने ‘एक देश, एक चुनाव’ को लागू करने के लिए विधेयकों को मंजूरी दे दी है। ये विधेयक मौजूदा शीतकालीन सत्र में संसद में पेश किए जाने की संभावना है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई बैठक में यह फैसला लिया गया। सरकार ने विधेयकों पर व्यापक विचार-विमर्श और संसदीय समिति के माध्यम से राज्य विधानसभाओं के अध्यक्षों से परामर्श की योजना बनाई है। इस प्रस्तावित प्रणाली के तहत लोकसभा, राज्य विधानसभाओं और स्थानीय निकायों के चुनाव एक साथ कराने की सिफारिश की गई है। उच्चस्तरीय समिति की रिपोर्ट के अनुसार, यह प्रणाली दो चरणों में लागू होगी। इसके लिए संविधान के अनुच्छेद 82ए, 83(2), और 327 में संशोधन और नए उप-खंड जोड़ने का प्रस्ताव है। यह विधेयक लोकसभा और विधानसभाओं के कार्यकाल को एक साथ समाप्त करने और ‘एक साथ चुनाव’ शब्द को परिभाषित करने का प्रयास करेगा।

संविधान संशोधन विधेयक को लागू करने के लिए राज्यों की सहमति की आवश्यकता नहीं होगी, लेकिन स्थानीय निकाय चुनावों के लिए 50 प्रतिशत राज्यों की मंजूरी अनिवार्य होगी। इसके अतिरिक्त, केंद्र शासित प्रदेशों जैसे दिल्ली, पुडुचेरी, और जम्मू-कश्मीर के लिए भी संबंधित कानूनों में संशोधन का प्रस्ताव है। सरकार का उद्देश्य चुनाव प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित और लागत प्रभावी बनाना है। समिति ने मार्च में अपनी रिपोर्ट में इसे चरणबद्ध तरीके से लागू करने की सिफारिश की थी। संशोधनों और नई प्रविष्टियों की कुल संख्या 18 है, जिनमें तीन अनुच्छेदों में संशोधन और 12 नए उप-खंड शामिल हैं।




