जमशेदपुर : आवासीय प्रमाण पत्र नहीं बनने से बच्चे का एडमिशन के लिए दर दर भटक रहा है पिता का कोई सुनने वाला नहीं है।यह दास्तां है बारीडीह भूषण कॉलोनी के रहने वाले वैध दीपक कुमार की।दीपक का कहना है कि उसका पुत्र को वह सैनिक स्कूल में भर्ती कराना चाहता है क्योंकि उसके पिता वैध महेश चंद्र प्रसाद की तरह पुत्र को भी देश की रक्षा के लिए सैनिक बनाना है। लेकिन एडमिशन के लिए झारखंड की नीति आड़े आ रही है,खतियान के वजह से आवासीय प्रमाण पत्र नहीं बन पा रहा है जिस वजह से पुत्र का एडमिशन नहीं हो पा रहा है।

दीपक ने प्रशाशन और सरकार से सवाल किया है कि जब उसका जन्म 1985 के बाद जन्म हुआ तो वह कैसे 84 से पहले का आवास प्रमाण दे,उनके पिता ने जमशेदपुर में रहते हुए भारतीय थल सेना में रह कर देश की सेवा की, उनका तो सम्मान करते हुए प्रशासन आवासीय प्रमाण पत्र निर्गत करे,यही गुहार लेकर पिछले 3 महीने से उपायुक्त से लेकर विभिन्न विभागों का चक्कर काट रहा है,उसने यह भी आरोप लगाया कि पूर्वी के विधायक से सहयोग करने की आग्रह की लेकिन कोई पहल ना कर उसे मुख्यमंत्री के पास जाने को कहा,अब वह एक बार फिर उपायुक्त से गुहार लगाई है ताकि पुत्र का एडमिशन हो सके।




