सरायकेला: (संजीव मेहता) : विधायक जयराम महतो की पार्टी जेके एलएम नेताओं के आंदोलन से इन दिनों त्रस्त हैं आदित्यपुर औद्योगिक क्षेत्र के कंपनी मालिक. हाल ही में इनकी कारस्तानियों से त्रस्त मीडियम और स्माल कंपनी की यूनियन एसिया ने जिले के डीसी और एसपी से सुरक्षा की गुहार लगा चुके हैं. इसके बावजूद बीती रात एक बीमार मजदूर की घर में हुई मौत के बाद जेएलकेएम ने नेता शव के साथ कंपनी का गेट जाम किया और उस मजदूर के मौत पर मुआवजा स्वरूप 15 लाख रुपये की मांग कर रहे थे. मामला आदित्यपुर औद्योगिक क्षेत्र के ऑटो क्लस्टर के पीछे हथियाडीह स्थित सोनी ऑटो एंड एलाइड कंपनी के यूनिट 3 में की है. वहां कार्यरत ठेका मजदूर सर्वेश्वर महतो (40 वर्ष) की मौत होने से नाराज परिजनों के साथ जेएलकेएम नेताओं ने शनिवार दोपहर 3 बजे से लाश को लेकर गेट पर पहुंचे और शव को रख कर रात भर मुआवजा की मांग को लेकर डटे रहे. बता दें कि कंपनी में कार्यरत ठेका मजदूर सर्वेश्वर महतो मंगलवार 22 जुलाई को नाइट शिफ्ट ड्यूटी में रात 10 बजे आए थे, इस बीच रात तकरीबन 2 बजे उनकी तबीयत बिगड़ने लगी, जिसके बाद मृतक खुद बाइक चलाकर घर जाने की बात कही. जिस पर प्रबंधन द्वारा कंपनी के अन्य कर्मचारियों के साथ दूसरे वाहन से उन्हें घर पहुंचाया गया था. 2 दिन घर में ही रहकर मृतक आराम कर रहे थे, इस बीच शुक्रवार को रात्रि में मजदूर सर्वेश्वर महतो की मौत हो गई. इसके बाद परिजनों के साथ पार्टी नेताओं ने मुआवजा की मांग को लेकर लाश लाकर कंपनी गेट पर रख दिया. बता दें कंपनी गेट पर एक ओर लाश पड़ा रहा और दूसरी तरफ बन आंदोलन कारी नेता खाना बनाकर खाते रहे. शनिवार देर रात तक मुआवजा की मांग को लेकर सैकड़ो की संख्या में जेएलकेएम से जुड़े कार्यकर्ता मौजूद रहे. वही एक तरफ कंपनी गेट पर लाश रखा था तो दूसरी तरफ विरोध करने वालों के लिए खाना बनाया जा रहा था.

इधर शनिवार शाम सरायकेला जिला पुलिस प्रशासन के निर्देश पर मामले पर स्थिति बनाए रखना दंडाधिकारी के रूप में गम्हरिया अंचलाधिकारी अरविंद कुमार बेदिया, श्रम अधीक्षक अविनाश ठाकुर, आदित्यपुर थाना प्रभारी विनोद तिर्की पुलिस बल के साथ देर रात तक मौजूद रहे.
*कंपनी प्रबंधन स्थायी नौकरी 1 लाख सहायता राशि देने को हुए तैयार- सोनीको ग्रुप आफ कंपनी के कॉरपोरेट एचआर डॉ सौरभ बनर्जी ने बताया कि कंपनी प्रबंधन मृत मजदूर के आश्रितों को दाह संस्कार एवं श्राद्ध कर्म के लिए 1 लाख रुपए सहायता राशि देने को तैयार है. इसके अलावा आश्रित को एक स्थाई नौकरी भी दी जाएगी, इन्होंने बताया कि मजदूर बीमार चल रहा था और उसकी मौत घर पर हुई है. बावजूद इसके 15 लाख मुआवजा मांगना कहीं से उचित नहीं है. प्रबंधन द्वारा बताया गया कि शनिवार दोपहर से विरोध के चलते कंपनी में सभी शिफ्ट के कार्य रद्द होने से लाखों का नुकसान हुआ है.




