Saraikela (संजीव मेहता) : आदित्यपुर औद्योगिक क्षेत्र की उद्यमी संस्था आदित्यपुर स्मॉल इंडस्ट्रीज एसोसिएशन (एसिया) का वार्षिक आमसभा (AGM) शनिवार 14 जून 2025 की शाम ऑटो क्लस्टर सभागार, आदित्यपुर में संपन्न हुई. कार्यक्रम में बड़ी संख्या में सदस्य उद्यमियों ने भाग लिया. बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि एसिया के आगामी सत्र 2025-27 के लिए चुनाव 19 जुलाई 2025 को होंगे.

बैठक में वित्तीय वर्ष 2023-25 के लिए लेखा-जोखा भी प्रस्तुत किया गया, जिसे बिना किसी आपत्ति के सर्वसम्मति से पारित कर दिया गया. ट्रस्टी संतोष खेतान ने संगठन की कार्यकारिणी सदस्य संख्या को 16 से बढ़ाकर 21 करने का प्रस्ताव रखा, जिसे सभा में उपस्थित सदस्यों ने सहमति देकर पारित कर दिया. इससे संगठन में और अधिक प्रतिनिधित्व तथा समावेशिता सुनिश्चित होगी. इस बार चुनाव में ट्रस्टी, अध्यक्ष, महासचिव सहित अन्य पदों के लिए मतदान होंगे. चुनाव में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए विशेष तैयारियां की जाएंगी. बैठक में आदित्यपुर-कांड्रा मुख्य मार्ग पर ट्रैफिक सिग्नल लाइट में आ रही तकनीकी त्रुटियों पर भी चर्चा की गई. उद्यमियों ने इसकी तकनीकी खामियों को दूर कर शीघ्र दुरुस्त कराने का सुझाव दिया, ताकि औद्योगिक आवागमन में किसी तरह की बाधा न आए. अध्यक्ष इंदर अग्रवाल ने एसिया के उपलब्धियों को गिनाया
वर्तमान अध्यक्ष इंदर अग्रवाल ने सभा को संबोधित करते हुए एसिया की उपलब्धियों पर प्रकाश डाला और कहा कि संगठन हमेशा उद्यमियों की सेवा में तत्पर रहा है और रहेगा. उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि कार्यकाल समाप्त होने पर ट्रस्टी पद के लिए भी चुनाव कराए जाएंगे. एजीएम में सदस्यता शुल्क की समीक्षा की गई. सामान्य आजीवन सदस्यता शुल्क: ₹10,000,
प्राइवेट लिमिटेड कंपनियों के लिए: ₹15,000, और लिमिटेड कंपनियों के लिए: ₹25,000 रखने पर सहमति बनी. वर्तमान में एसिया की कुल सदस्य संख्या लगभग 882 है. कार्यक्रम में उपाध्यक्ष राजीव रंजन, संजय सिंह, संतोख सिंह, सुधीर सिंह, कोषाध्यक्ष रतनलाल अग्रवाल, सचिव दिव्यांशु सिन्हा, ट्रस्टी संतोष खेतान, चतुर्भुज केडिया, मनोज सहाय, तापस, दीपक पंचामिया, विमल साहू, पिंकेश महेश्वरी, मनोज चोपड़ा, मनदीप सिंह, अशोक गुप्ता, रविंद्र गुप्ता सहित कई उद्यमी सदस्य उपस्थित थे. कार्यक्रम का संचालन महासचिव प्रवीण गुटगुटिया ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन पूर्व महासचिव दशरथ उपाध्याय ने दिया.




