रांची: एक करोड़ के इनामी कुख्यात नक्सली प्रशांत बोस, जिन्हें नक्सल आंदोलन के शीर्ष नेताओं में गिना जाताह। था।उनका रांची के होटवार जेल में मृत्यु हो गया। प्रशांत बोस लंबे समय से विभिन्न राज्यों की पुलिस और केंद्रीय एजेंसियों के लिए सबसे वांछित नक्सलियों में शामिल था। उन पर कई राज्यों में गंभीर आपराधिक मामले दर्ज थे और उनकी गिरफ्तारी के लिए सरकार ने एक करोड़ रुपये का इनाम घोषित किया था। प्रशांत बोस की गिरफ्तारी सरायकेला खरसावां के तेज तर्रार कर्मठ मधुर भाषी और अपने कर्तव्य के प्रति कर्तव्यनिष्ठ अपराधियों और नक्सलियों पर कहर बनकर बरसने वाले पुलिस अधीक्षक आनंद प्रकाश के नेतृत्व ने प्रशांत बॉस को 12 नवंबर 2021 को सरायकेला के गीतल बेड़ा टोल प्लाजा से गिरफ्तार कर एक बहुत बड़ी उपलब्धि और सफलता हासिल की थी। जिसकी सफलता और उपलब्धियां की चर्चा देश की हर राज्यों के कोने-कोने में पुलिस विभाग में व्यापक रूप से रही है। पुलिस अधीक्षक आनंद प्रकाश ने बड़े ही नाटकीय और काफी गोपनीय तरीके से प्रशांत बोस के गिरफ्तारी को अंजाम दिया था।पुलिस अधीक्षक आनंद प्रकाश ने सटीक सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए , बड़े नक्सली नेता प्रशांत बोस को गिरफ्तार किया था। इस उपलब्धि के लिए एसपी आनंद प्रकाश को सरकार द्वारा सम्मानित करते हुए इनाम भी दिया गया है। यह गिरफ्तारी नक्सल विरोधी अभियान में एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हुई थी।
प्रशांत बोस नक्सल संगठन के रणनीतिकार माने जाते थे और कई बड़े हमलों की योजना बनाने में उनकी भूमिका बताई जाती रही है। उनकी गतिविधियां झारखंड, बिहार, ओडिशा, पश्चिम बंगाल सहित कई राज्यों में फैली हुई थीं। इतना ही नहीं, उनकी तलाश में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी एजेंसियां सक्रिय थीं और इंटरपोल तक उनके नेटवर्क को लेकर सतर्क था।सरायकेला-खरसावां जिले में गिरफ्तारी के बाद से होटवार जेल में बंद रहने के दौरान प्रशांत बोस की तबीयत बिगड़ने की खबरें पहले भी सामने आती रही थीं। हालांकि शुक्रवार की सुबह होटवार जेल में निधन हो गया ।




