रांची : नीति आयोग की 11 जून 2026 को होने वाली गवर्निंग काउंसिल बैठक में झारखंड सरकार राज्य की प्रमुख आवश्यकताओं और विकास संबंधी चुनौतियों को राष्ट्रीय स्तर पर रखने की तैयारी कर रही है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन आधारभूत सुविधाओं के विस्तार, सामाजिक प्रगति और आर्थिक सशक्तिकरण से जुड़े विषयों पर विशेष ध्यान केंद्रित कर सकते हैं।
राज्य प्रशासन खनिज क्षेत्रों से संबंधित लंबित देयों, संसाधन-समृद्ध प्रदेशों के लिए अतिरिक्त केंद्रीय सहयोग तथा राजकोषीय हिस्सेदारी बढ़ाने की मांग को प्रमुखता से रख सकता है। सरकार का तर्क है कि प्राकृतिक संपदा से भरपूर होने के बावजूद कई इलाके अभी भी अपेक्षित विकास से वंचित हैं। शिक्षा के क्षेत्र में विद्यालयी व्यवस्था को मजबूत बनाने, पढ़ाई छोड़ चुके विद्यार्थियों को पुनः मुख्यधारा में लाने और युवाओं के लिए कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रमों का विस्तार करने पर बल दिया जाएगा।

साथ ही स्वरोजगार और आजीविका के नए अवसर विकसित करने की जरूरत भी सामने रखी जा सकती है। इसके अतिरिक्त पेयजल उपलब्धता, पर्यटन क्षमता के उपयोग और औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने से जुड़े प्रस्ताव भी चर्चा का हिस्सा बन सकते हैं। सरकार ग्रामीण समुदायों की भागीदारी बढ़ाकर योजनाओं को अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में अपने प्रयासों को रेखांकित करेगी। बैठक राज्य की भावी विकास योजनाओं को गति देने के लिए महत्वपूर्ण मंच साबित हो सकती है।





