दिल्ली ( प्रतिक सिंह ) : निर्वाचन आयोग ने सभी राज्य निर्वाचन अधिकारियों को यह निर्देश दिया है कि यदि चुनाव परिणामों के खिलाफ 45 दिनों के भीतर कोई याचिका दाखिल नहीं होती, तो वे चुनाव प्रक्रिया के दौरान एकत्रित सीसीटीवी, वेबकास्टिंग और अन्य वीडियो रिकॉर्डिंग को समाप्त कर दें। यह निर्देश 30 मई को जारी एक पत्र में दिया गया है।

आयोग का कहना है कि ये वीडियो क्लिपिंग्स कानूनी उद्देश्य से आवश्यक नहीं हैं, बल्कि वे केवल आंतरिक निगरानी और व्यवस्था बनाए रखने के लिए उपयोग की जाती हैं। हाल ही में यह देखा गया है कि इन दृश्यों को तोड़-मरोड़ कर सोशल मीडिया पर भ्रामक जानकारी फैलाने और नकारात्मक विमर्श खड़ा करने में इस्तेमाल किया गया। दिसंबर 2023 में केंद्र सरकार ने ‘कंडक्ट ऑफ इलेक्शन रूल्स, 1961’ के नियम 93 में संशोधन किया था। इसके तहत अब ये रिकार्ड सार्वजनिक जांच के लिए उपलब्ध नहीं रहेंगे। पहले कोई भी व्यक्ति इन फुटेज को प्राप्त कर सकता था, लेकिन पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट के एक आदेश के बाद इस नीति में बदलाव किया गया। अब यदि कोई मामला अदालत में नहीं जाता, तो 45 दिन बाद वीडियो सामग्री नष्ट की जा सकती है।




