जमशेदपुर : राज्य के शिक्षा मंत्री बनते ही रामदास सोरेन फॉम में आ गए है। उन्होंने शुक्रवार को जमशेदपुर के सर्किट हाउस में विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक कर आवश्यक दिशा निर्देश दिए। वही उन्होंने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि 15 दिनों में जिले के 5 प्रमंडलों के साथ समीक्षा बैठक करेंगे। वही उन्होंने एक स्कूल का निरीक्षण करने के दौरान 500 बच्चों के नामांकन में 300 बच्चे ही स्कूल आने पर चिंता जताते हुए,कहा कि इसकी पूरी जिम्मेदारी शिक्षक की है। उन्होंने उन शिक्षकों को शोकाज़ करते हुए निर्देश दिया है, कि उन बच्चों के अभिभावक से भेंट कर बच्चों को स्कूल लाने का प्रयास करें और उसकी रिपोर्ट समीक्षा बैठक में सौंपे। मंत्री ने वर्तमान शिक्षा प्रणाली को लेकर चिंता जताते हुए कहा कि सीबीएसई पैटर्न की पढ़ाई सरकारी स्कूल में नहीं होने की वजह से आईएस आईपीएस हमारे राज्य से नहीं निकल पा रहे हैं। अब इसे लेकर उस पैटर्न को यहां लागू किया जाएगा ताकि यहां के बच्चे यही पढ़ाई कर यही रोजगार और यही से अधिकारी पदाधिकारी बन सके उसके लिए दूसरे राज्य पर आश्रित नहीं रहना पड़े । वहीं 26000 शिक्षकों की बहाली पर भी उन्होंने कहा कि या मामला न्यायालय में होने की वजह से उनकी बहाली नहीं हो पा रही है। जैसे ही न्यायालय से आदेश मिलता है। तो अभिलंब 26000 शिक्षकों की बहाली शुरू कर दी जाएगी जिससे राज्य की शिक्षा का स्तर में काफी सुधार आएगा। साथ ही क्षेत्रीय भाषा की पढ़ाई भी जल्द शुरू कर दिया जाएगा।

उन्होंने कहा का हेमंत सरकार का प्रयास है, कि जिस तरह केरल शिक्षा के क्षेत्र में नंबर वन है। उसी तरह झारखंड को भी शिक्षा का क्षेत्र में अव्वल लाने का प्रयास की जाएगी। वहीं उन्होंने साकची स्थित CM एक्सीलेंस स्कूल का भी दौरा किया, और वहां के शिक्षकों से समस्याओं एवं शिक्षा की व्यवस्था के बारे में जानकारी लीऔर आश्वस्त किया कि जो भी समस्या है, जल्द ही पूरी कर दी जाएगी।




