नई दिल्ली : भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई), देश का सबसे बड़ा सार्वजनिक क्षेत्र का बैंक, चालू वित्त वर्ष 2024-25 में 600 नई शाखाएं खोलने की योजना बना रहा है। यह विस्तार मुख्य रूप से उभरते क्षेत्रों और आवासीय टाउनशिप पर केंद्रित होगा। एसबीआई के चेयरमैन सी एस शेट्टी के अनुसार, बैंक का उद्देश्य उन क्षेत्रों में अपनी उपस्थिति बढ़ाना है जो अब तक बैंकिंग सेवाओं से दुर रहे हैं, विशेष रूप से नई आवासीय कॉलोनियों में। यह कदम बैंक के व्यापारिक अवसरों को व्यापक बनाने के लिए है, जिससे बैंक की सेवाएं अधिक लोगों तक पहुंच सकें। एसबीआई ने पिछले वित्त वर्ष 2023-24 में 137 नई शाखाएं खोली थीं, जिनमें से 59 शाखाएं ग्रामीण क्षेत्रों में थीं। मार्च 2024 तक, एसबीआई की कुल 22,542 शाखाएं थीं। इसके अलावा, बैंक के पास देशभर में 65,000 एटीएम और 85,000 बैंकिंग प्रतिनिधि हैं, जो बैंक की विस्तारित सेवाओं को ग्राहकों तक पहुँचाने में मदद कर रहे हैं।

एसबीआई लगभग 50 करोड़ ग्राहकों को सेवाएं प्रदान करता है और खुद को हर भारतीय और भारतीय परिवार का बैंकर कहलाने पर गर्व करता है। जमाकर्ताओं को और अधिक आकर्षित करने के लिए, एसबीआई नए उत्पादों पर विचार कर रहा है, जिनमें आवर्ती जमा और एसआईपी (सिस्टमेटिक इन्वेस्टमेंट प्लान) के संयुक्त उत्पाद शामिल हैं। इस प्रकार के नवीन उत्पाद ग्राहकों की वित्तीय आवश्यकताओं को पूरा करने और बैंक में निवेश को प्रोत्साहित करने में सहायक होंगे। एसबीआई का यह विस्तार और नवाचार न केवल बैंक के विकास के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि देश के विभिन्न क्षेत्रों में बैंकिंग सुविधाओं को और अधिक सुलभ बनाने के दृष्टिकोण से भी अहम है।




