दिल्ली : 4 मई 2026 को पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव की मतगणना के शुरुआती रुझानों ने सियासी परिदृश्य ही बदल दिए। 293 सीटों वाली विधानसभा में भाजपा लगातार बढ़त बनाते हुए पूर्ण बहुमत हासिल कर ली है। जबकि सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस का जनाधार सफाया हो गया है।2021 के मुकाबले राज्य की राजनीतिक परिदृश्य ही बदल गए हैं।
इस बार नंदीग्राम, कांथी और दक्षिण 24 परगना जैसे पारंपरिक क्षेत्र में भी कड़ी टक्कर मिली, जो मतदाताओं के रुझान में बदलाव रहा है। पिछले एक दशक में जनसंख्या संरचना और पहचान से जुड़े मुद्दे राजनीतिक बहस के केंद्र में रहे हैं।

नीतियों को लेकर भी मतभेद उभरे—विपक्ष ने कुछ योजनाओं को तुष्टिकरण बताया, जबकि सरकार ने उन्हें सामाजिक कल्याण से जोड़ा। भाजपा ने सांस्कृतिक प्रतीकों, विकास के वादों और सुरक्षा के मुद्दे पर चुनावी रणनीति बनाई।
वहीं, लंबे शासन के चलते TMC को सत्ता विरोधी लहर, बेरोजगारी और भ्रष्टाचार के आरोपों का सामना करना पड़ा। प्रवासी मतदाताओं और डिजिटल प्रचार ने भी चुनावी माहौल को एक बहुत बड़ा परिवर्तित रूप देखने को मिला है। जहां बीजेपी अपनी पूर्ण बहुमत की सरकार बनाएगी। वहीं ममता बनर्जी की सुपड़ा साफ हो गया है।




