जमशेदपुर:पटमदा थाना अंतर्गत बेल्टांड चौक में बुधवार को वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग की टीम ने अंचल अधिकारी राजेंद्र दास , थाना प्रभारी विष्णु चरण भोक्ता पटमदा के साथ मिलकर बिशु शिकार की रोकथाम हेतु व्यापक जागरूकता कार्यक्रम चलाया।
बिशु शिकार यानी “बिशु पर्व” के दौरान आदिवासी क्षेत्रों में परंपरा के नाम पर वन्यजीवों का बड़े पैमाने पर शिकार किया जाता है। इस कुप्रथा को रोकने और जैव विविधता बचाने के लिए विभाग सक्रिय हुआ है। कार्यक्रम में ग्रामीणों, युवाओं और जनप्रतिनिधियों को बुलाकर वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 के प्रावधानों की जानकारी दी गई।

अंचल अधिकारी, और थाना प्रभारी ने बताया कि शिकार करना गैर-कानूनी है और पकड़े जाने पर 3 से 7 साल तक की जेल व जुर्माना हो सकता है। वन विभाग की टीम ने लोगों से अपील की कि परंपरा के नाम पर बेजुबान जानवरों की हत्या न करें, बल्कि जंगल और पर्यावरण बचाने में सहयोग करें। पोस्टर, पंपलेट बांटे गए और ग्रामीणों को शपथ दिलाई गई।
टीम ने कहा कि बिशु पर्व को प्रकृति पूजन व संस्कृति संरक्षण के रूप में मनाएं, शिकार के रूप में नहीं। अभियान में स्थानीय पुलिस, वनरक्षी और पंचायत प्रतिनिधि भी मौजूद रहे। विभाग आगे भी संवेदनशील इलाकों में ऐसे कार्यक्रम चलाएगा ताकि वन्यजीवों को बचाया जा सके।




