जमशेदपुर : 24 दिनों से अपनी मांगों को लेकर पंजाब में धरना में बैठे किसानों और उनके नेता जगदीश सिंह खंडेलवाल की तबीयत खराब होने के बावजूद सरकार द्वारा कोई पहल नहीं किए जाने पर देश के सिख समुदाय सहित जमशेदपुर में भी सिख समुदाय में केंद्र सरकार के प्रति आक्रोश व्याप्त है। जिसे लेकर जमशेदपुर के साकची गोल चक्कर के समीप विभिन्न किसान संगठन और सिख समाज ने संयुक्त रूप से धरना देकर केंद्र सरकार के खिलाफ अपना आक्रोश व्यक्त किया। इस दौरान किसान आंदोलन एकजुट मंच के भगवान सिंह ने सरकार के प्रति नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि वहां किसान कड़ाके की ठंड में धरना में बैठे हैं इस दौरान किसान नेता जगदीश सिंह खंडेलवाल की तबीयत खराब होती जा रही है, लेकिन सरकार किसी भी तरह के वार्ता करने की पहल नहीं कर रही है, इससे यह साफ जाहिर होता है कि सरकार किसानों के हित के खिलाफ है।

उन्होंने यह भी कहा कि पिछली बार लंबे आंदोलन और 700 किसानों के शहीद होने के बाद सरकार ने आश्वस्त किया था कि तीन काले कानून को वापस ले लिया जाएगा, लेकिन अब ऐसा लगता है कि वह तीनों काले कानून को एक साजिश के तहत लागू करने की प्रयास केंद्र सरकार कर रही है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि चुनाव के समय मोदी की सरकार कई तरह के प्रलोभन देकर सत्ता हासिल करने के बाद सभी वादे को दरकिनार कर दी जाती है। इधर शैलेंद्र सिंह ने आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि देश में कोई सरकार है ही नहीं है, यही वजह है कि किसानों से वार्ता कर समाधान करने का कोई भी पहल नहीं किया जा रहा है जो देश के अन्नदाता किसान के प्रति उनकी नजरिया घोर निंदनीय है।




