रांची : बुधवार को सरायकेला में कोल्हान की सियासत में बड़ा बदलाव हुआ है। मशहूर शिक्षाविद और झारखंड आंदोलन के अगुआ रहे कालीपद सोरेन, जो केपी सोरेन के नाम से जाने जाते हैं, ने कांग्रेस छोड़कर सैकड़ों कार्यकर्ताओं के साथ झामुमो जॉइन कर लिया है।
टाउन हॉल में हुए समारोह में सांसद जोबा माझी, मंत्री दीपक बिरुआ, विधायक दशरथ गागराई, सविता महतो और जिलाध्यक्ष डॉ. शुभेंदु महतो की मौजूदगी में उन्हें पार्टी का अंगवस्त्र पहनाकर स्वागत किया गया।

केपी सोरेन लंबे समय तक कांग्रेस में रहे। इस्तीफे की वजह पार्टी की अनदेखी और जल-जंगल-जमीन के मुद्दों से दूरी बताई। वे भूगोल और संथाली में एमए हैं और रांची कॉलेज में प्रोफेसर रह चुके हैं। आंदोलन के दौरान डॉ. राम दयाल मुंडा के साथ काम किया।
JMM में आने पर उन्होंने कहा कि युवा पीढ़ी को अनुभव देंगे। सीएम हेमंत सोरेन की तारीफ करते हुए बोले कि पार्टी अनुभवी लोगों को मौका दे रही है।
उनके साथ संजय कुमार और अभय झा भी JMM में आए। विशेषज्ञ मानते हैं कि इससे पार्टी को आदिवासी शिक्षा, भाषा-संस्कृति और नीति निर्माण में मजबूती मिलेगी।





