
सरायकेला: सरायकेला खरसावां जिले के आदित्यपुर आरपीएफ इंस्पेक्टर ए के सिंह को मिले गुप्त सूचना को, गंभीरता से लेते हुए, सूचना को सत्यापन कर, टीम बनाकर स्क्रैप माफियाओं पर बड़ी कार्रवाई की है। मिले सूचना को सत्यापन कर नाटकीय ढंग से निगरानी करते हुए स्क्रैप माफियाओं को सामान के साथ आरपीएफ इंस्पेक्टर ए के सिंह ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया । इंस्पेक्टर ए के सिंह की इस कार्रवाई से स्क्रैप माफियाओं में कोहराम और खलबली मचा हुआ है।
आदित्यपुर रेल संपत्ति की सुरक्षा में तैनात आदित्यपुर आरपीएफ पोस्ट की सतर्कता और सुरक्षा निगरानी के तहत स्क्रैप माफियाओं द्वारा घटना की अंजाम देने से पूर्व ही नाटकीय ढंग से आरपीएफ इंस्पेक्टर ए के सिंह ने समान सहित माफियाओं को गिरफ्तार कर लिया और उन्हें जेल के सलाखों के पिछे भेज दिया है। इस कार्रवाई से स्क्रैप माफिया गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए तीन आरोपियों को चोरी करते रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया। सभी 407 ट्रक जेएच 22एफ/7918 पर सवार थे। गिरफ्तार मुख्य आरोपी वरुण सिंह, बागबेड़ा गाढ़ावासा का रहने वाला है। जिसे कई थाने के पुलिस से ढूंढ रही है । जिसका गम्हरिया के उषा मोड़ में अवैध रूप से स्क्रैप टाल चलता है। गम्हरिया घोड़ा बाबा मंदिर के पास भी स्क्रैप टाल था। जहां कई बार घटनाएं भी घट चुकी है। पुलिस ने उसके दो साथी जुगसलाई के गरीब नवाज कॉलोनी निवासी मो आरजू और कोलाबीरा (सरायकेला) निवासी पत्रा लाल को गिरफ्तार तीनों
को पकड़ कर जेल भेज दिया गया ।
इनके पास से 13 पीस रेल लाइन के टुकड़े जब्त की गई। जिनकी कीमत करीब 25 हजार बताई गई है। आदित्यपुर आरपीएफ इंस्पेक्टर ए के सिंह को, गुप्त सूचना मिली थी कि आदित्यपुर-2 स्थित रायडीह बस्ती के पास रेलवे की जमीन पर रखे गए पुराने रेल ट्रैक को चुराने की योजना बनाई जा रही है। जिसे आरपीएफ इंस्पेक्टर ए के सिंह ने मामले को गंभीरता से लेते हुए टीम बनाकर, निगरानी करते हुए, बड़ी कार्रवाई कर घटना को अंजाम देने से पहले ही माफियाओं को सामान सहित गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। यह आदिपुर आफ पोस्ट रेलवे की बहुत बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।
पोस्ट प्रभारी अजीत कुमार सिंह ने बताया कि चोरी की गई रेल संपत्ति में गिरफ्तार आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि वरुण सिंह के स्क्रैप टाल में चोरी के माल पहुंचाया जाता है, जहां उसे गलाकर बेचा जाता।
रेल संपत्ति की सुरक्षा में तैनात आदित्यपुर आरपीएफ पोस्ट की सतर्कता और रणनीतिक निगरानी से बड़ी चोरी की घटना को अंजाम देने से पहले ही नाकाम कर दिया । जिससे स्क्रैप माफियाओं में खलबली मची हुई है।




