अयोध्या : अयोध्या स्थित राम मंदिर से जुड़े कथित दानराशि गबन प्रकरण की पड़ताल के दौरान जांच एजेंसियों को कई अहम तथ्य मिले हैं। छापेमारी में आरोपी अविनाश शुक्ल के ठिकाने से एक लोहे का संदूक मिला, जिस पर ‘रामराज्य कोष’ अंकित था और उसके ऊपर पेटीएम का क्यूआर कोड चिपका हुआ था। यह संदूक उस योग केंद्र से बरामद हुआ, जहां वह पिछले लगभग दस वर्षों से रह रहा था।
फिलहाल पुलिस ने इस संदूक के वास्तविक उपयोग को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी साझा नहीं की है। उधर, मामले की जांच कर रही विशेष जांच टीम (एसआईटी) का कार्यकाल उत्तर प्रदेश सरकार ने 15 जुलाई तक बढ़ा दिया है। सरकार का उद्देश्य पूरे घटनाक्रम की विस्तृत और निष्पक्ष पड़ताल सुनिश्चित करना बताया गया है। अब तक की कार्रवाई में आठ आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है।

इनके पास से लगभग 80 लाख रुपये नकद, 1121 अमेरिकी डॉलर, करीब 11 ग्राम स्वर्ण, लगभग 375 ग्राम रजत, निवेश से जुड़े दस्तावेज और अन्य मूल्यवान वस्तुएं जब्त की गई हैं। जांच दल बैंक खातों, चल-अचल संपत्तियों, आर्थिक लेन-देन और आय के स्रोतों की गहराई से जांच कर रहा है। साथ ही यह भी परखा जा रहा है कि बरामद नकदी और संपत्तियों का मंदिर में प्राप्त दानराशि से कोई प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष संबंध है या नहीं।






