जमशेदपुर : डेयरी संयंत्र के कर्मी स्वर्गीय रविन्द्र नाथ ठाकुर की मौत को लेकर बुधवार से उनके परिजन और स्थानीय लोगों ने कंपनी के मुख्य प्रवेश द्वार पर अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने संस्थान, संबद्ध ठेकेदार तथा प्रशासन के विरुद्ध विरोध दर्ज कराते हुए निष्पक्ष जांच, जिम्मेदार लोगों पर हत्या का मामला दर्ज करने और कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग उठाई।
मृतक की पत्नी तारा देवी का कहना है कि 17 जून को कार्यस्थल पर स्वास्थ्य बिगड़ने के बाद भी समय पर आवश्यक उपचार उपलब्ध नहीं कराया गया। उनका आरोप है कि अस्पताल भेजने के बजाय उन्हें घर पहुंचा दिया गया। बाद में परिजनों ने विभिन्न अस्पतालों में इलाज कराया, लेकिन 21 जून को रिम्स में उनकी मृत्यु हो गई। परिवार का दावा है कि चिकित्सकों ने शरीर में विषैले तत्व की आशंका जताई थी।

पुत्र चंदन ठाकुर ने कहा कि यदि समय रहते समुचित चिकित्सा मिलती तो उनके पिता का जीवन बचाया जा सकता था। सामाजिक कार्यकर्ता रश्मि भेंगरा ने पीड़ित परिवार को उचित आर्थिक सहायता, आश्रित को स्थायी रोजगार और पूरे प्रकरण की पारदर्शी जांच की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि मांगें पूरी नहीं होने पर विरोध और तेज किया जाएगा। समाचार लिखे जाने तक कंपनी प्रबंधन की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया था।






