Saraikela (संजीव मेहता) : रामकथा के 8वें दिन रामकथा में प्रवचनकर्ता मंदाकिनी मां ने रामकथा के 8वें दिन सीता स्वयंवर प्रसंग सुनाते हुए सीता-राम के दिव्य स्वरूप का वर्णन किया, जिसे सुनकर रामभक्त आह्लादित हो गए. मां मंदाकिनी ने प्रसंग में धनुष यज्ञ की बातें समाहित करते हुए राम लक्ष्मण के उत्कृष्ट चरित्र चित्रण भी किया. आज की कथा में मिथिला की सुंदर झांकियां के साथ मिथिला की नारियों की हंसी ठिठोली का खूबसूरत वर्णन किया जिसे सुनकर महिलाएं झूम उठीं. बता दें कि इन दिनों हरिओम नगर स्थित कलश रूपी शिव काली मंदिर में 15 जनवरी से रामकथा का आयोजन हो रहा है जिसमें धर्मानुरागी भक्तों की भारी भीड़ लग रही है. कल रामकथा का अंतिम दिन है.

जिसमें रामकथा की पूर्णाहुति के साथ महाप्रसाद का भी आयोजन होगा. बता दें कि यह प्रथा पिछले 15 वर्षों से चल रहा है. चूंकि इस मंदिर के 15वें स्थापना दिवस पर हर वर्ष 11 दिवसीय रामकथा सह शत चंडी महायज्ञ का आयोजन होता है. इस वर्ष पहली बार यहां महिला कथा वाचक वाराणसी से मंदाकिनी मां को आमंत्रित किया गया था. कथा सुनने वालों में सैंकड़ों महिला और पुरुष शामिल रहे. यह रामकथा 23 जनवरी तक आयोजित होगा. रामकथा के साथ धार्मिक अनुष्ठान शत चंडी पाठ का आयोजन भी चल रहा है. इस आयोजन को सफ़ल बनाने में मंदिर के पुजारी चंद्रभान शास्त्री और मुन्ना पांडेय के साथ वरिष्ठ नागरिक रविंद्र नाथ चौबे, उपेंद्र ठाकुर, समाजसेवी कैलाश पाठक, लक्ष्मी कांत मिश्रा, एनएन मिश्रा, सुबोध ठाकुर, वीरेंद्र कुमार यादव, एस वेणुगोपाल, मनोज आगीवाल, जतन कुमार, अप्पू जी, डीके झा, आर एन प्रसाद, नीतू शर्मा, एसएन मिश्रा, प्रमोद सिंह, शानू सिंह, मीणा सिंह आदि लगे हुए हैं.




