जमशेदपुर : प्रीत पिया के नैनन देखी,सृष्टि संग शृंगार किया।
आ जाओ तुम पास हमारे, मैने तो दिल हार दिया।।
टिप टिप टिप टिप जल की बुंदे, द्वारे कर्ण प्रवेश करे।
तन मन भीगे मुरली धुन में, श्वास श्वास दरवेश करे,
लरज गया मन, कोयल कूं सुन, नयन सजीले मचल गये।
करे इशारे प्रियतम प्यारे, दबे भाव दिल पिघल गये।
हौले हौले साजन जी को, नैनो मे भर प्यार किया।
आ जाओ तुम पास हमारे, मैने तो दिल हार दिया।।

कुंतल दिखता मेघ सरीखा , सजनी कर से खेल करे।
नैन पिया संग उलझे उलझे, मंद मंद मुस्कान झरे।
डगमग डगमग डग भरती हूँ, तिरछे नैनन सयन चले।।
नित कर दूध आँख मे लज्जा, लुक – छिप नैनन बयन चले।
दूध ग्लास दे ,सजी सेज पर, साजन पर दिल वार दिया।
आ जाओ तुम पास हमारे, मैने तो दिल हार दिया।।
प्रेम मिलन की राह अनोखी, बड़े जतन रमझोल सहे।
साजन से मिलने की खातिर, सास ननद के बोल सहे।
देवर गोतन नजर बचाकर, जैसे तैसे पार गयी।
पिया मिलन की चाह फली ना,भंडा फूटा हार गयी।
कारगुजारी व्यर्थ हुई सब, खेला तारो तार किया।
आ जाओ तुम पास हमारे, मैने तो दिल हार दिया।।




