वाराणसी :बीएचयू ट्रॉमा सेंटर में कथित चिकित्सीय लापरवाही का एक गंभीर मामला सामने आया है, जिसमें एक महिला मरीज की जान चली गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार, मरीज को न्यूरोसर्जरी विभाग में भर्ती किया गया था, लेकिन गलती से उसे ऑर्थोपेडिक ऑपरेशन थिएटर में ले जाया गया। वहां बिना उचित पुष्टि और जांच के उसका ऑपरेशन शुरू कर दिया गया।
बताया जा रहा है कि सर्जरी के दौरान ही डॉक्टरों को अपनी त्रुटि का एहसास हुआ। इसके बाद मरीज को तुरंत वापस न्यूरोसर्जरी वार्ड में स्थानांतरित किया गया। हालांकि, इस घटना के बाद उसकी हालत लगातार बिगड़ती चली गई। इलाज के प्रयासों के बावजूद 27 मार्च 2026 को कार्डियोपल्मोनरी अरेस्ट के कारण उसकी मृत्यु हो गई। मृतका के परिजनों ने इस घटना पर कड़ी आपत्ति जताई है और अस्पताल प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं।

उन्होंने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए शिकायत दर्ज कराई है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए चिकित्सा विज्ञान संस्थान के निदेशक ने जांच के आदेश दिए हैं और एक समिति गठित की है। पहले बनी जांच टीम में संबंधित विभाग के डॉक्टर के शामिल होने पर निष्पक्षता को लेकर सवाल उठे, जिसके बाद नई जांच समिति बनाकर विस्तृत और निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने की बात कही गई है।




