
जमशेदपुर : लाल बहादुर शास्त्री मेमोरियल कॉलेज में 7/ 37 झारखंड बटालियन, एन.सी.सी. एल. बी. एस. एम. कॉलेज, जमशेदपुर द्वारा एन. सी. सी. महोत्सव मनाया गया। सर्वप्रथम कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे प्राचार्य, मुख्य अतिथि कोल्हान विश्वविधालय के कुलसचिव डॉ. राजेंद्र भारती तथा घाटशिला महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. रविंद्र कुमार चौधरी ने दीप प्रज्ज्वलित कर समारोह का शुभारंभ किया तदोपरांत गलवान घाटी में चीनी सैनिकों से लोहा लेते हुए अपने प्राणों की आहुति देने वाले झारखंडी माटी के वीर पुत्र तथा एल. बी.एस.एम. कॉलेज के छात्र वीर शहीद गणेश हांसदा जी की मां श्रीमती कापरा हांसदा,पिता सुबदा हांसदा तथा बड़े भाई दिनेश हांसदा को प्राचार्य डॉ.अशोक कुमार झा ने अंगवस्त्र,पुष्पगुच्छ तथा मोमेंटो भेंट कर सम्मानित किया वहीं एन.सी. सी. कैडेट्स द्वारा अतिथियों को अंगवस्त्र, पुष्पगुच्छ तथा मोमेंटो देकर सम्मानित किया गया। प्राचार्य डॉ. अशोक कुमार झा ने कहा कि एन. सी. सी. देश की सुरक्षा के लिए तीसरी पंक्ति है।देश में जब भी विपत्तियां आई तब एनसीसी अपने अनुशासन और कर्मठता से देश के साथ खड़ा रहा। उन्होने कहा कि एन.सी.सी. के कैडेट्स अनुशासित रहकर तथा अपने परिश्रम से महाविद्यालय के परिसर को सुंदर बनाने का कार्य करते हैं। यहां के एन.सी.सी. कैडेट्स सामाजिक विकास, आपदा राहत, पर्यावरण संरक्षण और सामुदायिक सेवा जैसी विभिन्न पहलों में सक्रिय रूप से भाग लेकर अपनी गहरी छाप समाज और राष्ट्र पर छोड़ी है। पिछले एक साल में कैडेटों द्वारा कई कीर्तिमान स्थापित किए गए। एन.सी.सी.के 20 कैडेटों को प्राचार्य ने मेडल देकर सम्मानित किया। मुख्य अतिथि कोल्हान विश्वविधालय के कुलसचिव डॉ. राजेंद्र भारती ने कहा कि जहां संविधान हमे नागरिकता का पाठ पढ़ाता है वहीं एन.सी. सी. हमे अनुशासित होकर राष्ट्र की सेवा करने का पाठ पढ़ाती हैं। उन्होने कहा कि एन.सी.सी. युवाओं में राष्ट्रभक्ति की भावना पैदा करने में अहम भूमिका निभाती है, तथा साथ ही सामाजिक कार्यों, अनुशासन और व्यक्तित्व निखारने में भी एन.सी.सी. की अहम भूमिका होती है। घाटशिला महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. रविंद्र कुमार चौधरी ने एन. सी. सी. के इतिहास पर प्रकाश डालते हुए कहा कि एनसीसी का गठन वर्ष 1948 में एच.एन. कुज़रु द्वारा किया गया था।एनसीसी विश्व का सबसे बड़ा वर्दीधारी तथा हथियारधारी युवा संगठन है। यह हाई स्कूल और कॉलेज स्तर पर कैडेटों का नामांकन और विभिन्न स्टेज के पूरे होने पर प्रमाण पत्र भी प्रदान करता है। उन्होंने कैडेट्स को संबोधित करते हुए कहा कि एन. सी. सी. विभिन्न प्रशिक्षण शिविर, साहसिक प्रशिक्षण शिविर और सैन्य प्रशिक्षण शिविर लगाकर कैडेट्स को प्रशिक्षण देती है जिससे उनमें चरित्र, अनुशासन, नेतृत्व, धर्म तटस्थता दृष्टिकोण साहसिक कार्य के लिए प्रेरणा और निःस्वार्थ सेवा के आदर्शो को विकसित किया जाता है।
इस मौके पर राजनीति विज्ञान के विभागाध्यक्ष तथा रूसा कॉर्डिनेटर सह परीक्षा नियंत्रक डॉ. विनय कुमार गुप्ता , प्रो. विनोद कुमार,डॉ. दीपंजय श्रीवास्तव, डॉ. मौसुमी पॉल, डॉ. प्रशान्त, श्री सौरव वर्मा, श्री शिवनाथ शर्मा, श्री वीरेश सरदार, श्री विनय कुमार तथा बड़ी संख्या में एन.सी.सी. कैडेट्स उपस्थित रहे।




