रांची : कोयला मंत्री जी किशन रेड्डी आईआईटी आईएसएम के कैंपस में स्थित रामधनी चाय दुकान में चाय की चुस्की और छात्रों के साथ चाय पर चर्चा करने पहुंचे। जहाँ चाय पर चर्चा के दौरान बातों बातों में आईएसएम के छात्रों ने झरिया का ज्वलंत समस्याओं को कोयला मंत्री के समक्ष रखा। कोयला मंत्री ने भी छात्रों के अंदर झरिया की आग की तरह उठ रहे सवालों का केंद्र सरकार द्वारा किए जा रहे कार्यों के बारे में बताया।
छात्रों ने कोयला मंत्री से पूछा कि झरिया में जिस तरह से माइनिंग हो रही है, ओबी डंप के कारण लगातार प्रदूषण का स्तर बढ़ता जा रहा है, जिसका प्रभाव आम लोगों के स्वास्थ के ऊपर पड़ रहा है, लोग गंभीर बीमारी से ग्रसित हो रहें हैं, प्रदूषण के प्रभाव के कारण बच्चे दिव्यांग जन्म ले रहें हैं। इसपर सरकार का क्या रुख है। क्योंकि भविष्य में यह स्थिति पूरे धनबाद की हो सकती है। मंत्री ने छात्रों को जवाब देते हुए कहा कि झरिया में लगी आग के कारण जो गैस निकल रहें हैं, इस पर काबू पाना एक बड़ी चुनौती है। इन इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए सुरक्षित जगह पर 30 हजार आवास बनाए गए हैं। उनके लिए बेहतर सुविधाएं और रोजगार उपलब्ध कराने की दिशा में कार्य किए जा रहें है। झरिया में आग सौ साल से भी अधिक समय लगी हुई है। कॉमर्शियल माइनिंग भी उस इलाके में चल रही है। उन इलाकों में बसे लोगों के लिए सरकार पहल कर रही है।

कोल इंडिया और बीसीसीएल के अधिकारियों के साथ आज भी इसी सभी विषयों पर बैठक रखी गई है। मंत्री ने कहा कि आजादी की पहले से इन इलाकों में माइनिंग हुई है। डिप में कोल छूट जाते हैं।माइंस क्लोजिंग का कार्य साइंटिफिक तरीके से नहीं किया गया है। पीएम मोदी का आदेश है कि जितने हजार करोड़ भी खर्च हो, लेकिन माइंस क्लॉज एक्टिविटी को हर हाल में करना है। पर्यावरण के क्षेत्र में काम करना है। माइनिंग में फिशरीज संसाधन को बढ़ना है। सभी संस्थान को इसमें आगे लाया जाएगा। सभी की सहभागिता इसमें जरूरी है। वहीं एक छात्रा ने सवाल किया कि छात्राओं को माइनिंग सेक्टर में प्लेसमेंट कम मिलती है। जिस पर मंत्री ने जवाब देते हुए कहा कि हमने आने वाले दिनों में माइनिंग सेक्टर में काफी महिलाओं को नौकरी मिल सकेगी। लेबर कोड में इसके प्रावधान भी किए हैं। माइनिंग सेक्टर की कंपनियों में हम एक शिफ्ट महिलाओं की करने जा रहें है। बहुत जल्द यह भी लोगों को देखने को मिलेगा। इसके साथ ही वह चाय दुकान के संचालक रामधनी से भी मिले और उन्हें उनके कार्यों के लिए प्रोत्साहित भी किया।






