रांची : इस वर्ष झारखंड में वर्षा की कमी से चावल उत्पादन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। 12 जून को मानसून का आगमन और आर्द्रा नक्षत्र प्रारंभ होने पर भी अनेक क्षेत्रों में कृषि कार्य की गति अत्यंत सुस्त है। उदाहरण के तौर पर धनबाद में इस अवधि तक लगभग 40% पौधशाला तैयार हो जानी चाहिए थी, पर वास्तव में मात्र 3% ही रोपाई हेतु नर्सरी डाली गई है।
यानी तैयारी का स्तर सामान्य से 77% कम है। प्रदेश के विभिन्न अंचलों में आकाश मेघाच्छादित रहता है, मगर जलवृष्टि अपर्याप्त होने के कारण कृषक भूमि समतल करने के बाद भी बीजारोपण प्रारंभ नहीं कर पा रहे। धनबाद का निर्धारित रकबा 43,000 हेक्टेयर है। इस जनपद में जून माह की औसत 205 मिमी वर्षा के स्थान पर अब तक केवल 50 मिमी पानी बरसा है।

कृषि विभाग का मानना है कि शीघ्र पर्याप्त जल नहीं मिला तो खरीफ ऋतु की पैदावार और घटेगी। कोडरमा में 17,000 हेक्टेयर क्षेत्र का लक्ष्य रखा गया है, लेकिन वहां भी 140 मिमी की सामान्य दर की तुलना में महज 50 मिमी वर्षा दर्ज हुई है। कुल मिलाकर, मानसून की सुस्ती से किसानों की चिंता बढ़ी है और समय पर रोपाई न होने से उत्पादन पर प्रतिकूल असर पड़ने की आशंका प्रबल हो गई है।






