रांची : झारखंड में नक्सलवाद के सफाए के लिए केंद्रीय गृह मंत्रालय के निर्देश पर एक नई रणनीति बनाई गई है। राज्य के डीजीपी अनुराग गुप्ता ने पश्चिमी सिंहभूम के मुख्यालय चाईबासा में वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक कर इसे अंतिम रूप दिया। उन्होंने मीडिया को बताया कि नक्सलियों का पूरे देश में सफाया हो रहा है, और झारखंड में भी इस दिशा में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। ग्रामीण अब जागरूक होकर पुलिस का सहयोग कर रहे हैं, जिससे नक्सलियों के खिलाफ अभियान प्रभावी हो रहा है। बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि नक्सलियों के साथ-साथ उन्हें लॉजिस्टिक सपोर्ट देने वालों की पहचान कर उन पर कार्रवाई करें। 65 नक्सलियों और उग्रवादियों की सूची तैयार की गई है, जिन पर नए इनाम की घोषणा होगी। वर्तमान में राज्य के केवल पांच जिलों में नक्सली सक्रिय हैं, जबकि पहले यह समस्या व्यापक थी। डीजीपी ने हालिया विधानसभा और लोकसभा चुनावों में नक्सलियों के बहिष्कार के प्रयासों को विफल करने पर पुलिस और सुरक्षा बलों को सराहा।

पहली बार नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में भी लोग निर्भीक होकर मतदान कर पाए। तीन दशकों में यह पहली बार हुआ जब चुनावों में नक्सली हिंसा की कोई घटना नहीं हुई। आगे की योजना में इंटेलिजेंस को मजबूत करना, नक्सली ठिकानों को ध्वस्त करना, और पुलिस कैंपों की सुरक्षा ऑडिट शामिल है। फरार नक्सलियों की संपत्तियों की कुर्की, जमानत पर रिहा नक्सलियों की निगरानी, और प्रभावित क्षेत्रों में संचार व बुनियादी ढांचे की स्थिति पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। यह रणनीति राज्य में नक्सलवाद को जड़ से खत्म करने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है।




