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सरायकेला / (संजीव मेहता) : जय जवान जय किसान का नारा देकर देश में हरित क्रांति का अलख लाल बहादुर शास्त्री जी ने जगाया था। उक्त बातें उनकी पुण्यतिथि पर कांग्रेस पार्टी के वरीय उपाध्यक्ष फ़ूलकान्त झा ने कही। उन्होंने बताया कि पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री का ताशकंद में निधन हुआ था। ताशकंद समझौते की फाइल पर साइन किए।

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अभी महज 12 घंटे ही हुए थे और लाल बहादुर शास्त्री की मौत हो गई थी। 11 जनवरी 1966 की रात में रहस्यमय परिस्थितियों में भारत के दूसरे प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की मृत्यु हो गई थी। ये रहस्य आज भी बना हुआ है। वे देश के सबसे लोकप्रिय प्रधानमंत्री थे।






