सरायकेला / (संजीव मेहता) : जमशेदपुर वर्कर्स कॉलेज में वीर बाल दिवस के अवसर पर एक कार्यक्रम का आयोजन गुरुवार को किया गया। इस आयोजन में महाविद्यालय के छात्रों एवं शिक्षकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य वीर बालकों के साहस और बलिदान से प्रेरणा लेकर छात्रों को नैतिकता, राष्ट्रभक्ति और सामाजिक जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक करना था। महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. सत्यप्रिय महलिक ने अपने प्रेरणादायक संबोधन में कहा कि वीर बालक साहिबजादा जोरावर सिंह और फतेह सिंह के बलिदान से हमें यह शिक्षा मिलती है कि नैतिक मूल्यों की रक्षा के लिए हर आयु में प्रयास करना आवश्यक है। वीर बाल दिवस बच्चों और युवाओं के लिए एक प्रेरणा है। यह दिन हमें सीख देता है कि साहस, धर्मनिष्ठा और मानवता के प्रति कर्तव्य का पालन किसी भी परिस्थिति में त्यागा नहीं जाना चाहिए। यह दिवस न केवल सिख समुदाय के लिए बल्कि सभी के लिए नैतिक मूल्यों और आदर्शों का प्रतीक है। वर्तमान युवा शक्ति को उपभोक्तावादी संस्कृति से ऊपर उठकर राष्ट्र निर्माण और समाज सेवा में अपना योगदान देना चाहिए। साहिबजादों का बलिदान हमें यह भी प्रेरणा देता है कि छोटी उम्र में भी बड़े उद्देश्य के लिए अपना योगदान दिया जा सकता है।

कार्यक्रम का संचालन प्रो. सुदेष्णा बनर्जी ने किया। स्वागत भाषण डॉ. मोनीदीपा दास ने दिया जबकि धन्यवाद ज्ञापन प्रो. हरेन्द्र पंडित ने दिया। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में विद्यार्थियों के लिए विभिन्न प्रतियोगिताएं आयोजित की गई, जिनमे विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। निबंध लेखन प्रतियोगिता में प्रथम, द्वितीय तथा तृतीय स्थान क्रमशः सुनिधि कुमारी, मुस्कान कुमारी तथा अमरप्रीत कौर ने प्राप्त किया। वाद-विवाद प्रतियोगिता में प्रथम स्थान वापन घोष एवं सोमा साहू तथा द्वितीय स्थान ममता एवं कविता ने प्राप्त किया। कार्यक्रम में आयोजित प्रश्नोत्तरी में प्रथम जैनब, द्वितीय सुनिधि कुमारी तथा तृतीय ज्योति कुमारी रहे। पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता में प्रथम स्थान भवानी सिंह तथा द्वितीय विश्वनाथ विरुवा ने प्राप्त किया। इस अवसर पर जैनब परवीन, सोनिया सोरेन और पूनम ने कविता पाठ तथा सुनिधि कुमारी द्वारा मनमोहक गीत की प्रस्तुति दी गई। महाविद्यालय के छात्रों और शिक्षकों ने वीर बालकों के बलिदान को नमन करते हुए सामाजिक एवं राष्ट्रीय दायित्वों के प्रति जागरूकता का संकल्प लिया। इस कार्यक्रम में डॉ. विद्याराज डीजे, प्रो. शोभा मुवाल, डॉ. सुरभि सिन्हा, प्रो. कंचन गिरि, प्रो. शाहिना नाज़, डॉ. वाजदा तबस्सुम, डॉ. संगीता कुमारी, डॉ. मितु आहूजा एवं अन्य शिक्षकों के साथ बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित थे।




