जमशेदपुर को-ऑपरेटिव कॉलेज में “दर्शन, मानवता एवं समाज सेवा” विषय पर एक-दिवसीय राष्ट्रीय व्याख्यान का आयोजन किया गया। जिसमें मुख्यातिथि के तौर पर पद्मश्री आदरणीय अशोक भगत मौजूद थे।जिन्हें कॉलेज परिसर में गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया जिसके बाद उन्हें सम्मानित करने के उपरांत उन्होंने द्वीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ की।इस मौके पर कॉलेज के प्राचार्य डॉ अमर सिंह के अलावा शिक्षक शिक्षिकाएं एवं काफी संख्या में छात्र मौजूद थे।जिन्हें संबोधित करते हुए अशोक भगत ने कहा कि अभाव में रहना कोई कमजोरी नहीं, बल्कि जीवन की श्रेष्ठ साधना है। यदि हम सच में मानव हैं, तो हमें प्रकृति और दूसरों के दुःख को समझना चाहिए।
वसुधैव कुटुंबकम जीवन का वास्तविक सूत्र है— जब हम प्रकृति को मित्र मान लेते हैं, तब वेदांत अपने सच्चे रूप में फलित होता है। वहीं कार्यक्रम के उद्वेश्य को लेकर प्राचार्य ने कहा कि समाज में किस प्रकार व्यक्तित्व का दृष्टिकोण होना चाहिए उसके मन में किस प्रकार का दर्शन हो, वास्तविक मानवता क्या है,सबकी अलग अलग परिभाषा होती है,ऐसे में कैसे मानवता और दर्शन के गुणों को पहचान कर समाज की सेवा कर सकते है यह बताने का प्रयास किया गया है।





