Saraikela (संजीव मेहता): आदित्यपुर नगर निगम क्षेत्र में 395 करोड़ रुपए की लागत से चल रहे पेयजल आपूर्ति योजना में लेट लतीफी से संबंधित मामले में जनकल्याण मोर्चा के अध्यक्ष एवं अधिवक्ता ओम प्रकाश द्वारा माननीय झारखंड उच्च न्यायालय रांची में दायर जनहित याचिका संख्या W P(PIL)3629/2023 में पिछले 28 जुलाई को झारखंड उच्च न्यायालय में सुनवाई हुई. माननीय मुख्य न्यायाधीश तरलोक सिंह चौहान एवं न्यायमूर्ति सुजीत नारायण प्रसाद जी के खंडपीठ द्वारा सुनवाई के दौरान म्युनिसिपालिटी एवं अन्य को शपथ पत्र दायर करने का आदेश दिया गया. माननीय उच्च न्यायालय ने पेयजल, गैस पाइप लाइन, टेलीफोन के लिए भी सड़क खोदकर छोड़ दिए जाने से जनता को हो रही परेशानी पर भी काफी कड़ा रुख दिखाया.

इस मामले की अगली सुनवाई पुनः 11 अगस्त 2025 को निर्धारित की गई है. माननीय झारखण्ड उच्च न्यायालय में जन कल्याण मोर्चा की ओर से उच्च न्यायालय के अधिवक्ता मनोज कुमार चौबे एवं माधव प्रसाद पैरवी कर रहे है. बता दें कि आदित्यपुर नगर निगम छेत्र में पेय जलआपूर्ति योजना चार वर्ष पीछे चल रहा है. क्षेत्र में पेयजल की भारी किलत हमेशा बनी रहती है. वार्ड नंबर 17 ड्राई जोन है. उपायुक्त नीतीश कुमार सिंह जिले के पहले उपायुक्त हैं जिन्होंने निर्माणाधीन 30 एम. एल. डी.सीतारामपुर वाटर ट्रीटमेंट वाटर का पूरे टीम के साथ 19 जुलाई 2025 को निरिक्षण किया एवं एजेंसी को चेताया भी है.




