रांची: सरायकेला- जमशेदपुर : आदित्यपुर औद्योगिक क्षेत्र में जहां कई पारंपरिक व्यवसायों की दूसरी पीढ़ी आगे नहीं बढ़ पाई, वहीं कुछ युवा नई उम्मीद बनकर उभरे हैं। ऐसे ही युवा हैं अनुराग पाठक, जिन्होंने अपने पिता अरुण पाठक से प्रेरणा लेकर उद्योग जगत में कदम रखा और उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। अनुराग ने कॉरपोरेट सेक्टर में तीन वर्षों तक वरिष्ठ प्रबंधक के रूप में कार्य किया, परंतु उनका मन हमेशा कुछ अपना करने की ओर आकर्षित था। उन्होंने ‘राग इंडस्ट्रीज’ नामक कंपनी की शुरुआत की, जो फाल्स सीलिंग में उपयोग होने वाले गैल्वेनाइज्ड स्टील का निर्माण करती है। आज यह इकाई देशभर में अपने उत्पादों की आपूर्ति कर रही है और करीब 200 लोगों को रोज़गार मुहैया करा रही है।

अनुराग की शिक्षा जमशेदपुर के डीबीएमएस से शुरू हुई, जिसके बाद वे विशाखापत्तनम के आवासीय विद्यालय में गए और वहाँ से 12वीं की पढ़ाई पूरी की। इंजीनियरिंग की डिग्री उन्होंने किट्स कॉलेज से इलेक्ट्रॉनिक्स ब्रांच में प्राप्त की। इसके बाद वे वायजू जैसी प्रतिष्ठित कंपनी से जुड़े और कम समय में सात प्रमोशन पाए। हालांकि, उनका सपना शुरू से ही व्यापार करने का था। एक साल पहले उन्होंने कॉर्पोरेट दुनिया को अलविदा कहकर अपने उद्यम की नींव रखी, जो आज सफलता की ऊंचाइयों को छू रहा है। उनकी यह यात्रा युवाओं के लिए प्रेरणा स्रोत बन रही है।




