
रांची: कोल्हान प्रमंडल की सबसे बड़े अस्पताल एमजीएम के स्वास्थ्य व्यवस्था इन दिनों पूर्ण रूप से धराशाई हो गई है। राज्य के स्वास्थ्य मंत्री बना गुप्ता भी इस हालात से वाकिफ है। स्वास्थ्य मंत्री द्वारा भी हड़ताली चिकित्सकों से कम पर लौटने की अपील किया गया। परंतु स्वास्थ्य मंत्री की बातों को हडताली चिकित्सकों द्वारा मानने से इनकार करते हुए और जोरदार तरीके से आंदोलन को तेज कर दिया है। साथ ही साथ सदर अस्पताल को भी ठप कर दिया गया है। एमजीएम अस्पताल कोल्हान प्रमंडल के सबसे बड़े जमशेदपुर में अस्पताल हैं। विगत कुछ दिन पूर्व एमजीएम के पीआइसीयू वार्ड में कार्यरत पीजी मेडिकल के छात्र डॉक्टर कमलेश उरांव के साथ मारपीट की घटना घटित हुई थी। जिसको लेकर सारे चिकित्सक आंदोलनरत हैं। चिकित्सकों की मांग है की मुख्य आरोपी सहित सभी आरोपीयो की शीघ्र गिरफ्तारी हो।
चिकित्सकों द्वारा 22 सितंबर 2023 तक गिरफ्तारी करने का सूत्रों के अनुसार अल्टीमेटम प्रशासन को दिया गया है । गिरफ्तारी नहीं होने पर 23 सितंबर 2023 से राज्यव्यापी आंदोलन करने के लिए चिकित्सक तैयारी में है। जिसमे राज्य के लगभग 12000 चिकित्सक शामिल होंगे। एमजीएम अस्पताल में प्रतिदिन हजारों की संख्या में गरीब लाचार बेबस मैरिज सुदूर ग्रामीण क्षेत्र से आते हैं, जो चिकित्सा के अभाव में आकर एमजीएम अस्पताल से प्रतिदिन हजारों मैरिज लौट रहे हैं। सदर अस्पताल की स्थिति भी कामों बेस यही है। वहां भी आकर मैरिज प्रतिदिन लौट रहे हैं। सूत्रों के अनुसार आज पूरे इस मामले पर हाई लेवल मीटिंग हो सकती है।




