रांची/गिरिडीह: झारखंड में उग्रवाद के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के दौरान गिरिडीह पुलिस अधीक्षक डॉक्टर विमल कुमार के नेतृत्व में केंद्रीय सुरक्षा बलों ने 25 लाख के हार्डकोर इनामी अजय महतो को गिरफ्तार कर एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। गिरिडीह जिले में संयुक्त ऑपरेशन के दौरान 25 लाख रुपये के इनामी उग्रवादी अजय महतो उर्फ टाइगर को हथियार सहित दबोच लिया गया। वह प्रतिबंधित भाकपा (माओवादी) की बिहार-झारखंड स्पेशल एरिया कमेटी (BJSAC) से जुड़ा सक्रिय सदस्य माना जाता था और लंबे समय से विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों की निगरानी सूची के तलाश में शामिल था।
जानकारी के अनुसार अजय महतो गिरिडीह जिले के पीरटांड़ प्रखंड के पांडेदीह गांव का रहने वाला है। जांच एजेंसियों के रिकॉर्ड में उसके खिलाफ हत्या, सुरक्षा बलों पर घातक हमले, विस्फोटक घटनाओं, अवैध वसूली, आर्म्स एक्ट तथा गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम सहित 200 से अधिक गंभीर मामले दर्ज हैं। वह कई वर्षों से झारखंड और आसपास के क्षेत्रों में उग्रवादी गतिविधियों का संचालन कर रहा था। पुलिस अधीक्षक डॉ विमल कुमार ने प्रेस वार्ता के माध्यम से बताया कि वर्ष 2020 में राज्य सरकार ने अजय महतो सहित कई कुख्यात माओवादी नेताओं के विरुद्ध राजद्रोह से संबंधित मुकदमा चलाने की स्वीकृति प्रदान की थी।

यह अनुमति संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों की अनुशंसा के बाद दी गई थी, जिसके आधार पर कानूनी कार्रवाई आगे बढ़ाई गई। गिरफ्तारी के बाद सुरक्षा एजेंसियां उससे गहन पूछताछ कर रही हैं। अधिकारियों का मानना है कि उससे माओवादी संगठन की कार्यप्रणाली, हथियारों की आपूर्ति व्यवस्था, आर्थिक स्रोत, अवैध वसूली के नेटवर्क तथा कई लंबित उग्रवादी घटनाओं से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्य सामने आएंगे। बरामद हथियारों की फोरेंसिक जांच भी कराई जा रही है।
पुलिस का कहना है कि इस कार्रवाई को उग्रवाद के खिलाफ चल रहे अभियान में एक बहुत बड़ी सफलता के रूप में देखा जा रहा है। फिलहाल मामले की विस्तृत जांच जारी है और पूछताछ से प्राप्त सूचनाओं के आधार पर आगे भी कई महत्वपूर्ण कार्रवाई होने की संभावना जताई जा रही है। गिरिडीह पुलिस अधीक्षक डॉ विमल कुमार की इस कार्रवाई से नक्सलियों में खौफ और सरकार की नक्सल विरोधी अभियान के विरुद्ध बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है






