रांची : चतरा एसपी अनिमेष नैथानी पुलिस ने अंतरराज्यीय चोरी और छिनतई की घटनाओं को अंजाम देने वाले एक संगठित गुलगुलिया गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस जांच में सामने आया है कि ओडिशा का कुख्यात ‘गुलुगुलिया गैंग’ शातिर चोरों को तैयार कर उन्हें देश के अलग-अलग राज्यों में वारदात के अंजाम देनी लिए भेजता है। गिरोह के सदस्यों को हैदराबाद में विशेष ट्रेनिंग दी जाती है, जहां उन्हें भीड़ में पहचान छिपाना, रेकी करना और वाहन की डिक्की खोलकर चोरी करने जैसे तरीके सिखाए जाते हैं।

मामले का खुलासा चतरा एसपी अनीमेष नैथानी ने गुलगुलिया गिरोह के एक सदस्य के गिरफ्तार होने के बाद पूरे मामले का खुलासा किया है। श्री नैथानी ने बताया कि 12 जुलाई को इटखोरी बाजार में ज्वेलरी व्यवसायी दिलीप सोनी की बाइक की डिक्की से लगभग 60 लाख रुपये के जेवर चोरी किए गए थे। इस सनसनीखेज वारदात के बाद गठित विशेष टीम ने तकनीकी और मानवीय सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए ओडिशा के दशमनिया निवासी दीपक प्रधान को गिरफ्तार किया।
पूछताछ में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए। पुलिस के अनुसार गिरोह का सरगना आकाश प्रधान है, जो कथित तौर पर एक लाख रुपये की सैलरी पर शातिर चोरों को अपने नेटवर्क में रखता है। गिरोह पहले ज्वेलरी दुकानों, सर्राफा कारोबारियों और व्यापारियों की रेकी करता है, फिर मौका मिलते ही नकदी और जेवर लेकर फरार हो जाता था।
जांच में यह भी सामने आया कि वारदात के तुरंत बाद आरोपी राज्य छोड़ देते थे, ताकि पुलिस को सुराग न मिल सके। पुलिस का दावा है कि गिरोह का नेटवर्क झारखंड, ओडिशा, तेलंगाना समेत कई राज्यों तक फैला हुआ है।

चतरा पुलिस अब गिरोह के अन्य सदस्यों की गिरफ्तारी और नेटवर्क से जुड़े आर्थिक लेन-देन की जांच में जुटी हुई है। इस खुलासे के बाद ज्वेलरी व्यवसायियों और व्यापारिक संगठनों ने एसपी अनिमेष नैथानी की कार्यो की सराहना कर रही है।।






