रांची : पेयजल घोटाले की छानबीन के दौरान प्रवर्तन निदेशालय को मनीष रंजन के आवास से संदिग्ध वित्तीय गतिविधियों के दस्तावेज प्राप्त हुए। साथ ही पता चला कि उनकी पत्नी एक कंपनी की डायरेक्टर होने के साथ-साथ एक अन्य फर्म में विधिक प्रबंधक की जिम्मेदारी भी निभा रही हैं। जांच के दौरान विभाग के इंजीनियर निरंजन कुमार ने अपने निवास से जब्त नकदी को परिजनों से प्राप्त भेंट बताया था।

इस घोटाले की पड़ताल में ईडी ने कई स्थानों पर छापेमारी की, जिसमें वरिष्ठ अधिकारी मनीष रंजन का नाम भी सामने आया। ग्रामीण विकास विभाग के मामले में भी उनका नाम पहले सामने आ चुका था। एक पूर्व मंत्री के निजी सहायक के पास मिली डायरी में ‘M’ कोड नाम से दर्ज राशि को लेकर पूछताछ में संजीव लाल ने उसे मनीष रंजन बताया। मनीष रंजन के यहां तलाशी के दौरान चार पन्ने मिले जिनमें ‘SURAT’ कोड से किए गए लेनदेन का उल्लेख था। साथ ही उनकी पत्नी से जुड़े दस्तावेजों में एक कंपनी में उनकी कानूनी भूमिका की जानकारी मिली। ईडी ने निरंजन कुमार से जब्त नकदी को लेकर पूछताछ की, परंतु वे कोई वैध दस्तावेज नहीं दिखा सके, न ही इन उपहारों को कर विवरण में बताया गया था।




