रांची: the राष्ट्रीय न्यूज़” के चीफ एडिटर ए.के. मिश्र की दोनों बेटियाँ आज अपने-अपने क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियाँ हासिल कर समाज में एक प्रेरणास्रोत बन चुकी हैं। बड़ी बेटी अमृता कुमारी और छोटी बेटी अंजली कुमारी ने मेहनत, लगन और आत्मविश्वास के बल पर सफलता की नई ऊँचाइयों को छुआ है।
अमृता कुमारी, जो the राष्ट्रीय न्यूज़ के चीफ एडिटर ए.के. मिश्र की बड़ी पुत्री हैं, ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा जमशेदपुर से पूरी करने के बाद उच्च शिक्षा के लिए ग्रेटर नोएडा का रुख किया। वहाँ उन्होंने एचआर (ह्यूमन रिसोर्स) और आईटी (इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी) विषय में एमबीए की डिग्री प्राप्त की। शिक्षा पूरी करने के बाद उन्होंने दिल्ली में एक प्रतिष्ठित कंपनी में नौकरी प्राप्त की। आज वे दिल्ली में अपने कौशल, मेहनत और नेतृत्व क्षमता के बल पर कॉर्पोरेट जगत में अपनी पहचान बना रही हैं। अमृता न केवल एक सक्षम प्रोफेशनल हैं बल्कि वे आधुनिक युवतियों के लिए आत्मनिर्भरता और सफलता का प्रतीक बन चुकी हैं।

वहीं दूसरी ओर, छोटी बेटी अंजली कुमारी ने कानून की दुनिया में कदम रखा। उन्होंने जमशेदपुर से प्रारंभिक शिक्षा प्राप्त कर ,उच्च शिक्षा आईएलएस, रांची यूनिवर्सिटी से पढ़ाई कर, अपने करियर की शुरुआत कर ,सुप्रीम कोर्ट के महा अधिवक्ताओं (Senior Advocates) के सानिध्य में रहकर कानूनी अनुभव हासिल की। वहाँ उन्होंने कानून की बारीकियों और न्यायिक प्रक्रिया की गहराई से समझ हासिल की। अपनी मेहनत और लगन के बल पर अंजली कुमारी अब झारखंड हाईकोर्ट में वरीय अधिवक्ताओं के मार्गदर्शन में, कानून की बारीकियों को सिखते हुए प्रैक्टिस कर रही हैं। वे लगातार न्याय व्यवस्था की गहन समझ विकसित कर एक सशक्त और सक्षम अधिवक्ता बनने की दिशा में अग्रसर हैं। माता मीना देवी एक सफल गृहणी है, और छोटा भाई अंकित कुमार मिश्र डीएवी एनआइटी से + 2 कर रहा है ।
ए.के. मिश्र की दोनों बेटियाँ न केवल अपने परिवार के लिए बल्कि पूरे राज्य के लिए गर्व हैं। जहाँ अमृता कुमारी कॉर्पोरेट सेक्टर में अपने कौशल का लोहा मनवा रही हैं, वहीं अंजली कुमारी न्याय के क्षेत्र में अपनी विधिक समझ से समाज की सेवा कर रही हैं।
दोनों बहनों की सफलता यह संदेश देती है कि सही दिशा, निरंतर परिश्रम और परिवार के सहयोग से कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं है। “the राष्ट्रीय न्यूज़” परिवार भी अपनी चीफ एडिटर की बेटियों की इस उपलब्धि पर गौरवान्वित है। ये दोनों झारखंड की नई पीढ़ी के लिए प्रेरणादायक उदाहरण हैं। बेटियाँ जब ठान लें, तो हर क्षेत्र में सफलता की मिसाल कायम कर सकती हैं।




