दिल्ली ( प्रतीक सिंह ) : प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने वर्तमान वित्तीय वर्ष में लगभग 15,000 करोड़ रुपये की संपत्ति की पहचान की है, जिसे ‘रियल एस्टेट’, पोंजी योजनाओं और अन्य धोखाधड़ी मामलों के पीड़ितों को लौटाने की योजना है। यह जानकारी एजेंसी के अधिकारियों ने साझा की है। दस्तावेजों से पता चलता है कि ईडी ने धनशोधन रोकथाम कानून के अंतर्गत उपलब्ध संपत्तियों को वास्तविक हकदारों को लौटाने की प्रक्रिया को पिछले वर्ष से सक्रिय रूप से लागू करना शुरू किया है, ताकि आर्थिक अपराधों से प्रभावित नागरिकों को न्याय मिल सके।

अब तक इस पहल के तहत कुल 31,951 करोड़ रुपये की संपत्ति पात्र लोगों को वापस दी जा चुकी है। इनमें से 15,201.65 करोड़ रुपये की संपत्ति 2019 से 2021 के बीच भगोड़े अपराधियों विजय माल्या, नीरव मोदी और एनएसईएल घोटाले से जुड़ी थी, जिसे उनके ठगे गए पीड़ितों को दिया गया।
पिछले वर्ष जून में निदेशक राहुल नवीन द्वारा सभी मामलों की गहन समीक्षा की गई, जहां पीड़ितों को राहत दी जा सकती थी। इसके बाद, एजेंसी ने अदालत से 32 प्रकरणों में संपत्ति वापसी हेतु अनुमति प्राप्त की, जिससे पुनर्वास प्रक्रिया को गति मिली।




