रांची : रांची से एक अहम समाचार सामने आया है, जो झारखंड के डीजीपी अनुराग गुप्ता से जुड़ा हुआ है। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने राज्य सरकार को पुनः पत्र भेजा है जिसमें कहा गया है कि अनुराग गुप्ता की 30 अप्रैल 2025 से डीजीपी के रूप में नियुक्ति वैध नहीं है और उन्हें उसी तिथि से सेवानिवृत्त मानना चाहिए। इस पत्र के जवाब में झारखंड सरकार फिर से स्पष्टीकरण देने की योजना बना रही है।

राज्य सरकार ने तर्क दिया है कि उन्होंने जो प्रक्रिया अपनाई है, वह सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों के अनुसार है और राज्य पुलिस अधिनियम के अंतर्गत बनाई गई नीति के तहत नियुक्ति की गई है। इस विवाद के बीच, यह मामला सर्वोच्च न्यायालय में विचाराधीन है, और राज्य सरकार का कहना है कि न्यायालय का निर्णय आने तक किसी प्रकार की कार्रवाई करना उचित नहीं होगा। जुलाई 2024 में अनुराग गुप्ता को डीजीपी नियुक्त किया गया था और उनकी सेवा 2026 तक निर्धारित थी। हालांकि केंद्र सरकार इस नियुक्ति को गैरकानूनी मान रही है। राज्य द्वारा बनाए गए नियम और नियुक्ति प्रक्रिया पर सवाल उठने लगे हैं, जिससे यह मामला अब कानूनी और राजनीतिक रूप से संवेदनशील बन गया है।




