सरायकेला: सरायकेला-खरसावां जिले के चौका, ईचागढ़ क्षेत्र में एक फिर से बालू माफिया सक्रिय होने लगे हैं, चौका थाना क्षेत्र और ईचागढ़ थाना क्षेत्र में एक बार फिर अवैध बालू उत्खनन को लेकर माहौल गर्माता जा रहा है।सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, क्षेत्रों में फिर से अवैध बालू खनन और परिवहन से ग्रामीण एक बार फिर से एकजुट होने लगे हैं। बताया जा रहा है कि कुछ दिनों पूर्व ही ईचागढ़ और आसपास के बालू घाट क्षेत्रों में हुए बवाल के बाद ग्रामीणों में असंतोष गहरा गया है। प्राप्त जानकारी एवं सूत्रों के अनुसार शाम 5:00 से रात्रि लगभग 11:30 बजे और सुबह ढाई बजे से 7:00 बजे तक खुलेआम अवैध बालू उत्खनन के कार्य हो रहे हैं । जिसके चलते गांवो-में गुलबंदी और प्रशासन के प्रति नाराजगी सूत्रों के अनुसार बताया जा रहा है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्रामीणों का आरोप है कि अवैध बालू उत्खनन के कारण न केवल पर्यावरण को भारी नुकसान पहुंच रहा है, बल्कि नदियों के किनारे बसे गांवों के अस्तित्व पर भी खतरा मंडरा रहा है। सड़कें खराब हो रही हैं, दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया है और प्रशासनिक कार्रवाई केवल कागजों तक सीमित रह गई है। इसी नाराजगी के चलते ग्रामीण कभी भी सड़कों पर एक बार फिर उतरकर जोरदार विरोध प्रदर्शन कर सकते हैं। सूत्रों का कहना है कि यदि समय रहते प्रशासन ने सख्त कदम नहीं उठाए, तो हालात बेकाबू हो सकते हैं। कुछ महीने पूर्व में घटित घटना इसका जीता जागता उदाहरण है ,जो बवाल हुआ है ,कार्रवाई प्रशासन द्वारा किया गया, और हाईकोर्ट ने भी संज्ञान लिया है। आने वाले दिनों में अवैध बालू खनन के खिलाफ बड़ा जनआंदोलन खड़ा होने की आशंका जताई जा रही है। पूरे मामले पर जानकारी के लिए पुलिस अधीक्षक से संपर्क करने का प्रयास किया गया। परंतु समाचार लिखे जाने तक संपर्क नहीं हो पाया।




