रांची : सरायकेला-खरसावां जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में हाल के दिनों में कई पुलिस पदाधिकारियों और कर्मियों का स्थानांतरण किया गया है। इसके बाद अब आम लोगों के बीच एक सवाल चर्चा का विषय बना हुआ है कि वर्षों से एक ही क्षेत्र में कार्यरत टाइगर मोबाइल जवानों का स्थानांतरण कब होगा?
चौक-चौराहों, बाजारों और सार्वजनिक स्थलों पर लोग इस मुद्दे पर चर्चा करते नजर आ रहे हैं। लोगों का कहना है कि प्रशासनिक व्यवस्था में समय-समय पर स्थानांतरण एक सामान्य प्रक्रिया है, जिससे कार्य में पारदर्शिता बनी रहती है और नई ऊर्जा के साथ जिम्मेदारियों का निर्वहन संभव हो पाता है। ऐसे में लंबे समय से एक ही क्षेत्र में तैनात टाइगर मोबाइल कर्मियों के संबंध में भी स्पष्ट नीति अपनाई जानी चाहिए।

स्थानीय नागरिकों का मानना है कि लंबे समय तक एक ही क्षेत्र में रहने से कई तरह की चर्चाएं और सवाल खड़े होने लगते हैं। हालांकि यह प्रशासन का अधिकार क्षेत्र है कि वह आवश्यकता और विभागीय नियमों के अनुसार तैनाती और स्थानांतरण का निर्णय ले, लेकिन जनता यह जानना चाहती है कि अन्य पदाधिकारियों की तरह इन टाइगर मोबाइल के जवानों के भी स्थानांतरण होना चाहिए। लंबे समय से एक ही क्षेत्र में टाइगर मोबाइल की जवानों की तैनाती रहने से, अपराधियों के साथ साठ- गांठ की संभावनाएं बनी रहती है।
लोगों का कहना है कि पुलिस व्यवस्था को और अधिक प्रभावी तथा निष्पक्ष बनाने के लिए समय-समय पर सभी स्तरों पर स्थानांतरण की प्रक्रिया जरूरी है। इससे न केवल प्रशासनिक संतुलन बना रहता है, बल्कि जनता का विश्वास भी मजबूत होता है। पूरे मामले में जानकारी के लिए पुलिस अधीक्षक से संपर्क करने का प्रयास किया गया। परंतु समाचार लिखे जाने तक संपर्क नहीं हो पाया. फिलहाल यह विषय लोगों के बीच चर्चा बना हुआ है।अब देखना यह है कि बरसों से एक ही क्षेत्र में जमे टाइगर मोबाइल के जवानो का स्थानांतरण को लेकर कोई निर्णय लिया जाता है या यूं ही जमे रहेंगे।





