रांची : रांची स्मार्ट सिटी में 70 करोड़ की लागत से तैयार किए गए 11 नए मंत्री आवासों में से केवल चार का उपयोग हो रहा है। जबकि सात मंत्री अब भी अपने पुराने आवास में रह रहे हैं। 20 फरवरी को भवन निर्माण विभाग ने सभी बंगले वितरित कर दिए थे। नियम के अनुसार, आवंटन के एक महीने के भीतर शिफ्टिंग जरूरी है, लेकिन ऐसा नहीं हो पाया।

मंत्रियों ने अलग-अलग कारण बताए हैं। स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी का मानना है कि वर्तमान आवास उनके लिए शुभ है। वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर का कहना है कि नया बंगला केवल कार्यालय कार्यों के लिए रहेगा। शिक्षा मंत्री रामदास सोरेन ने बाहरी शौचालय और पानी की आवश्यकता जताई है। अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री हफीजुल हसन ने अंदरूनी साज-सज्जा अधूरी होने की बात कही है। भवन निर्माण विभाग के अनुसार, कुछ मंत्री अपने अनुरूप बदलाव करवा रहे हैं, जिसके चलते शिफ्टिंग में देर हो रही है। एक्जीक्यूटिव इंजीनियर दीपक महतो ने कहा कि यह आवास पूरी तरह तैयार अवस्था में दिए गए थे, लेकिन व्यक्तिगत अनुरोधों के अनुसार छोटे-छोटे काम कराए जा रहे हैं, जो जल्द पूरे हो जाएंगे।






