रांची : झारखंड में भ्रष्ट आचरण की घटनाएं लगातार उजागर हो रही हैं। ताजा प्रकरण लातेहार ज़िले से सामने आया है, जहाँ एक राजस्व विभाग के कर्मी पर ज़मीन से जुड़ी प्रक्रिया के बदले आर्थिक लाभ लेने का आरोप है। बताया जा रहा है कि कर्मचारी सुशील कुमार ने ज़मीन के कागज़ात में बदलाव करने की प्रक्रिया के लिए पैसों की मांग की थी।

इस मामले की जानकारी मिलने पर भ्रष्टाचार निवारण ब्यूरो (एसीबी) ने योजनाबद्ध तरीके से कार्रवाई की। जाल बिछाकर एसीबी की टीम ने सुशील कुमार को उस समय पकड़ लिया जब वह 10,000 रुपये की अवैध राशि स्वीकार कर रहा था। टीम ने तत्परता दिखाते हुए उसे मौके पर ही क़ब्ज़े में लिया और अपने साथ पूछताछ के लिए ले गई। हालांकि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन प्रशासनिक पारदर्शिता और शून्य सहनशीलता की नीति की बात करते हैं, ज़मीनी हकीकत इससे अलग तस्वीर पेश करती है। यह घटना दर्शाती है कि उच्च स्तर पर चाहे कितनी भी सख़्ती बरती जाए, नीचे के स्तर पर अनियमितताओं पर काबू पाना अब भी एक बड़ी चुनौती बनी हुई है।




