
रांची : झारखंड के कोल्हान प्रमंडल के जमशेदपुर और पश्चिम सिंहभूम जिले में सोने और अन्य खनिज ब्लॉकों को लेकर केंद्र और राज्य सरकारों के बीच विवाद घर आता जा रहा है। यहां कोल्हान की सोने की खदानों की नीलामी को लेकर राज्य सरकार और केंद्र सरकार के बीच तल्खी बढ़ती जा रही है। वर्तमान में, केंद्रीय खान मंत्रालय ने झारखंड सरकार से सोने और अन्य 10 खनिज ब्लॉक की नीलामी करने को कहा है। लेकिन राज्य सरकार इसे गंभीरता से लेते हुए कई पहलुओं पर विचार कर रही है। सूत्रों के अनुसार अगर राज्य सरकार इसमें दिलचस्पी नहीं दिखाती है, तो केंद्र सरकार नीलामी की प्रक्रिया शुरू कर सकती है।इस पूरे मामले में झारखंड सरकार अपनी सरकारी नीतियों और कानूनी प्रक्रियाओं के साथ आगे बढ़ने की दिशा में पहल कर रही है। केंद्र सरकार के अनुसार, नए खनिज नीति के तहत राज्य सरकार को खनिज ब्लॉकों की नीलामी को शीघ्रता से पूरा करना होगा। इसमें सोने के साथ-साथ तांबा और चूना पत्थर जैसे महत्वपूर्ण खनिज भी शामिल हैं।
झारखंड की राजनीतिक दृष्टिकोण से देखा जाए तो, इस मुद्दे पर सरकारी प्रतिस्पर्धा भी बढ़ रही है। चुनावी माहौल में आने के साथ, सरकारें अपने कार्यकाल में यह सुनिश्चित करना चाहती हैं. कि खनिज संपदा के उत्पादन और नीलामी से राज्य को लाभ पहुँचे।इस संदर्भ में, झारखंड सरकार को राष्ट्रीय और राज्यीय स्तर पर सहयोग और समन्वय करते हुए खनिज ब्लॉकों की सुरक्षित और व्यावसायिक नीलामी को सुनिश्चित करने की दिशा में पहल करते हुए आगे बढ़ने की दिशा में पहल कर कार्रवाई कर रही है।




