Saraikela (संजीव मेहता) : आदित्यपुर में करीब 395.15 करोड़ रुपये की लागत से निर्माणाधीन ‘आदित्यपुर बृहद जलापूर्ति योजना’ 8 साल का लंबा समय बीत जाने के बाद भी अधर में लटकी हुई है. 4 दिसंबर 2018 को शुरू हुई इस अति-महत्वाकांक्षी परियोजना को 3 दिसंबर 2021 तक हर हाल में पूरा किया जाना था. लेकिन निर्माण एजेंसी ‘जिंदल’ की लचर कार्यशैली और बार-बार मिलने वाले समय विस्तार (एक्सटेंशन) के कारण आज तक स्थानीय निवासियों के नलों तक पानी नहीं पहुँच सका है, जिससे जनता में भारी आक्रोश व्याप्त है. सोमवार 20 जुलाई को सरायकेला उपायुक्त, जुडको और जिंदल एजेंसी के उच्च अधिकारियों के बीच हुई समीक्षा बैठक में एजेंसी ने दावा किया हैं कि 31 जुलाई से सीतारामपुर डैम स्थित नए 30 MLD प्लांट से आदित्यपुर-2 में सुचारू जलापूर्ति शुरू कर दी जाएगी.

लेकिन जानकारी मिल रही है कि धरातल पर स्थितियाँ इसके बिल्कुल विपरीत हैं. ग्राउंड रिपोर्ट के अनुसार, 30 MLD फिल्टर प्लांट का इंटेक वेल समेत कई महत्वपूर्ण सिविल और मैकेनिकल कार्य अभी भी काफी हद तक अधूरे पड़े हैं. तकनीकी जानकारों की मानें तो इस प्लांट को पूरी तरह तैयार होने में अभी और समय लगेगा.
उग्र आंदोलन का ऐलान :
आदित्यपुर- गम्हरिया विकास समिति ने एजेंसी की इस मनमानी पर कड़ा रुख अपनाया है. समिति के अध्यक्ष सह आदित्यपुर नगर परिषद के पूर्व उपाध्यक्ष पुरेन्द्र नारायण सिंह ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि 31 जुलाई तक आदित्यपुर-2 के हर घर में नल से जल नहीं पहुँचा, तो वे क्षेत्र में जोरदार और चरणबद्ध जनांदोलन की शुरुआत करेंगे. मामले में सबसे चौंकाने वाला पहलू पुराने लगभग 22 MLD सीतारामपुर प्लांट का है, जिसका ऑपरेशन और मेंटेनेंस का टेंडर प्राप्त जानकारी के अनुसार 30 जुलाई को समाप्त हो रहा है. प्राप्त जानकारी के अनुसार नगर विकास विभाग द्वारा लगभग 4 वर्ष पूर्व जिंदल को सौंपे गए इस रखरखाव कार्य का वार्षिक बजट 1 करोड़ रुपये से बढ़कर अब लगभग 3 करोड़ रुपये (तकरीबन 25 लाख रुपये प्रतिमाह) हो चुका है. प्रतिमाह लाखों रुपये लेने के बावजूद प्लांट से नियमित और गुणवत्तापूर्ण जलापूर्ति नहीं हो पा रही है. पाइप लाइन की मरम्मत समय पर नहीं होने के कारण लीकेज की समस्या की शिकायत हमेशा मिलती है
. मेंटेनेंस पर किए जा रहे खर्च और धरातल पर किए गए कार्य में जनता को साफ अंतर दिखाई दे रहा है. आदित्यपुर की जनता विभागीय सचिव से यह मांग करती है कि मेंटेनेंस कार्य पर अब तक हुए खर्च का विस्तृत लेखा जोखा, स्वीकृत कार्यों एवं वास्तविक रूप में किए गए कार्यों का भौतिक सत्यापन तथा बार-बार होने वाले पाइप लीकेज एवं जलापूर्ति बाधित होने के कारणों की जांच सहित रो वॉटर शुद्ध करने के लिए फिटकरी, ब्लीचिंग पाउडर इत्यादि नियमानुसार सही मात्रा में नहीं दी जा रही है अथवा नहीं. दूसरी तरफ, आदित्यपुर-1 को जलापूर्ति देने के लिए सपड़ा में प्रस्तावित 60 MLD का नया वाटर ट्रीटमेंट प्लांट वन विभाग की NOC और अधूरे सिविल-मैकेनिकल कार्यों के पेच में फंसा हुआ है. कुल मिलाकर जिंदल एजेंसी की मनमानी का खामियाज़ा पूरी आदित्यपुर की जनता भुगत रही है..लेकिन आदित्यपुर- गम्हरिया विकास समिति जनहित में जलापूर्ति शुरू होने तक जन सहयोग से लगातार जन आंदोलन जारी रखेगी. प्रेस वार्ता में युवा राजद जिला अध्यक्ष उदित यादव, देव प्रकाश देवता, सत्येंद्र प्रभात, यदुनंदन राम, कुमार बिपिन बिहारी प्रसाद, विनोद कुमार सिंह, अवधेश कुमार, सिमरन मेहरा सहित अन्य लोग उपस्थित थे.






