चतरा: शहर के अति-सुरक्षित माने जाने वाले पुलिस अधीक्षक (एसपी) आवास के समीप मंगलवार को हुई गोलीबारी की घटना से इलाके में हड़कंप मच गया। व्यस्त क्षेत्र में हुई इस वारदात में एक निजी सुरक्षा गार्ड की गोली लगने से मौत हो गई। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया और सूचना मिलते ही पुलिस की टीम तत्काल घटनास्थल पर पहुंच कर जांच में जुट गई। शुरुआती जानकारी में संदेह जिला बल के एक जवान पर गया था, जिसके आधार पर उसे पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया। लेकिन जांच आगे बढ़ने पर स्पष्ट हुआ कि फायरिंग दो निजी सुरक्षा गार्डों के बीच हुए विवाद का परिणाम थी। इसके बाद पुलिस ने गोली चलाने वाले आरोपी गार्ड को गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस के अनुसार, दोनों गार्ड चतरा बाईपास निर्माण कार्य से जुड़ी रमिया कंस्ट्रक्शन कंपनी में सुरक्षा ड्यूटी पर तैनात थे। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि किसी पुराने विवाद या आपसी कहासुनी के बाद आरोपी ने दो गोलियां चलाईं। पहली गोली एक वाहन की छत से टकराई, जबकि दूसरी गोली सीधे दूसरे गार्ड की आंख में लगी, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
घटनास्थल से पुलिस ने एक फोर्ड एंडेवर वाहन को जब्त किया है। बताया जा रहा है कि यह वाहन निर्माण कंपनी के मालिक गया निवासी रॉकी यादव का है। वाहन की तलाशी के दौरान कुछ अन्य हथियार भी बरामद किए गए हैं, हालांकि पुलिस ने बरामद हथियारों की संख्या और प्रकृति को लेकर अभी कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी है।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस अधीक्षक अनिमेष नैथानी के निर्देश पर सदर थाना पुलिस, सिमरिया एवं टंडवा के एसडीपीओ सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। घटनास्थल को सुरक्षित कर फॉरेंसिक टीम की सहायता से वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
पुलिस का कहना है कि प्रत्यक्षदर्शियों के बयान, फॉरेंसिक रिपोर्ट और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पूरे घटनाक्रम की जांच की जा रही है। मृतक की पहचान सहित मामले से जुड़े सभी तथ्यों का खुलासा विस्तृत जांच पूरी होने के बाद किया जाएगा।घटना के बाद शहर में विभिन्न तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि वे किसी भी अपुष्ट जानकारी पर भरोसा न करें और अफवाहों से दूर रहें। अधिकारियों का कहना है कि जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर दोषियों के खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।






