Saraikela (संजीव मेहता) : आदित्यपुर नगर निगम का हाल बुरा है. लाखों रुपए हर महीने सफाई और स्वच्छता पर खर्च करने वाली नगर निगम आदित्यपुर प्रशासन की व्यवस्था भगवान भरोसे है. निगम क्षेत्र के रिहायशी इलाकों में कहीं कचरों का अंबार लगा है, सीवरेज का पानी ओवरफ्लो होकर मुख्य सड़क पर भ रहा है तो कहीं अंधेरे का साम्राज्य है. अंधेरे की वजह से रिहायशी क्षेत्र के लोग सांप बिच्छु का शिकार हो रहे हैं. बात कर रहा हूं वार्ड 30 के एनआइटी जाने वाले मुख्य मार्ग की जिसके पैरलर जाने वाली सड़कों के किनारे कचरों का अंबार के साथ सीवरेंज लाइन का पानी ओवरफ्लो होकर मुख्य सड़क पर निकल रहे हैं जिससे कॉलोनी के लोग नारकीय जीवन जीने को मजबूर हैं.

यहां रहने वाले पूर्व डीएसपी बीके चतुर्वेदी बताते हैं कि पता नहीं लाखों करोड़ों राजस्व वसूलने वाली निगम प्रशासन के जिम्मेदार सिटी मैनेजर और सुपरवाइजर कहां सो रहे हैं. इधर एक सप्ताह से स्ट्रीट लाइट खराब होने की वजह से वार्ड 17 के 7 एलएफ कॉलोनी के लोगों को अंधेरे में सांप बिच्छू से सामना करना पड़ रहा है. कल रात 12 नंबर ब्लॉक के लोगों का सामना विशालकाय अजगर से हो गया. तब वहा के लोगों ने सांप पकड़ने वाले को बुलाकर सांप का रेस्क्यू करवाया जो अजगर को पकड़कर जे पी उद्यान के जंगल मे छोड़ आये तब जाकर कॉलोनी के लोगों ने राहत की सांस ली. इस दौरान कॉलोनी के लोग नगर निगम प्रशासन को जमकर कोसते रहे.
इस संबंध में जब निगम प्रशासन के अधिकारियों से बात करने का प्रयास किया तो वे मोबाइल रिसीव करना उचित नहीं समझा.




